ईरानी कप : छह साल बाद ग्वालियर को प्रथम श्रेणी क्रिकेट की दावत
ग्वालियर. 12 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दावत की राह देख रहे ग्वालियर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर है। कै.रूपसिंह स्टेडियम में रणजी ट्राफी चैंपियन मध्य प्रदेश और शेष भारत के बीच एक से पांच अक्टूबर तक ईरानी कप मुकाबला अब इंदौर नहीं ग्वालियर में ही होना तय हो गया है। केवल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) से हरी-झंडी मिलना बाकी है।
रुपसिंह स्टेडियम पर अंतिम रणजी मैच सात से दस दिसंबर 2016 में छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर के बीच खेला गया था। अंतरराष्ट्रीय वन-डे मैच की बात करें तो अंतिम मैच 24 फरवरी 2010 को भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया था। इस मैच में सबसे खास बात यह रही थी कि सचिन तेंडुलकर ने वन-डे में पहला दोहरा शतक लगाकर ग्वालियर का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया था। ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रशांत मेहता ने बताया कि मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) की इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी ने मंगलवार को कै.रूपसिंह स्टेडियम और शंकरपुर में निर्माणाधीन नए स्टेडियम का दौरा किया था। रूपसिंह स्टेडियम पर मैदान और पिच का चल रहे रिनोवेशन को देखकर कमेटी संतुष्ट दिखी। मेहता ने बताया कि ईरानी कप को लेकर दोपहर में एमपीसीए के अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर का फोन आ गया है। एमपीसीए ने बीसीसीआइ को इंदौर की वजह ग्वालियर में ईरानी कप कराने का प्रस्ताव भेजा है। हम तो तैयार हैं, लेकिन अंतिम फैसला बीसीसीआइ को लेना है।

