इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में प्रदेश के बिजली कर्मचारीयों व इंजीनियरों ने 02 घण्टे का किया विरोध प्रदर्शन
ग्वालियर बिजली कर्मचारियों, अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस एन्ड इंजीनियर्स (एनसीसीओईई) के आह्वान पर देश भर के 15 लाख बिजली कर्मचारीयों व इंजीनियरों द्वारा 19 tqykbZ को 2 घण्टे को विरोध प्रदर्शन किया गया ।
विरोध प्रदर्शन में ग्वालियर के रोशनीघर , बिजली प्रागण में फोरम के ग्वालियर क्षेत्रीय संयोजक एलके दुबे उपस्थित रहे । उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि बिजली कानून में व्यापक बदलाव वाले इस बिल को जल्दबाजी में पारित करने के बजाये इसे संसद की बिजली मामलों की स्टैंडिंग कमेटी को भेजा जाना चाहिए और कमेटी के सामने बिजली उपभोक्ताओं और बिजली कर्मियों को अपने विचार रखने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 में उत्पादन का लाइसेन्स समाप्त कर बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का निजीकरण किया गया , जिसके परिणाम स्वरूप देश की जनता को निजी घरानों से बहुत महंगी बिजली की मार झेलनी पड़ रही है । अब इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2021 के जरिये बिजली वितरण का लाइसेंस लेने की शर्त समाप्त की जा रही है , जिससे बिजली वितरण के सम्पूर्ण निजीकरण का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा । इस बिल में प्रावधान है कि किसी भी क्षेत्र में एक से अधिक बिजली कम्पनियाँ बिना लाइसेंस लिए कार्य कर सकेंगी और बिजली वितरण हेतु यह निजी कम्पनियाँ सरकारी वितरण कम्पनी का इंफ्रास्ट्रक्चर और नेटवर्क इस्तेमाल करेंगी ।आज के विरोध प्रदर्शन के बाद 27 जुलाई को नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्पलॉईस एन्ड इंजीनियर्स (एनसीसीओईई) के राष्ट्रीय पदाधिकारी केंद्रीय विद्युत् मंत्री आरके सिंह से दिल्ली में मिलकर उन्हें ज्ञापन देंगे ।03 अगस्त को उत्तरी क्षेत्र, 04 अगस्त को पूर्वी क्षेत्र 05 अगस्त को पक्षिमी क्षेत्र के बिजली कर्मी दिल्ली में श्रम शक्ति भवन पर सत्याग्रह करेगें इसके बाद 10 अगस्त 2021 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी| यदि केंद्र सरकार ने 10 अगस्त के पहले संसद में बिल रखा तो देश भर के बिजली कर्मी उसी दिन हड़ताल करेंगे ।
आज की सभा का संचालन एलके दुबे द्वारा किया गया , विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से महाप्रबंधक इंजी. विनोद कटारे, महाप्रबंधक इंजी. सुनील खरे, महाप्रबंधक आरके खरे, महाप्रबंधक इंजी. नितिन मांगलिक,हरि सिंह, लव कुश गुर्जर, मुकुल उपाध्याय अध्यक्ष अमरेश शर्मा इंजी. अभय चोपड़ा, आर के कौशिक उप महाप्रबंधक इंजी. अरूण शर्मा एवं कई वक्ताओं ने निजीकरण के विरोध में अपने विचार प्रस्तुत किए, साथ ही महा प्रबंधक राजपूत, उप महाप्रबंधक इंजी. राजन कुमार मिश्रा, उप महाप्रबंधक इंजी. अरूण शर्मा, उप महाप्रबंधक इंजी. पी के हजेला, उप महाप्रबंधक इंजी. राज मालवीय, रफीक खान, सुदामा, सुरेश, मीडिया प्रभारी पंकज शर्मा ,फोरम के रीजनल उपाध्यक्ष अमरेश शर्मा, आरके कौशिक, सतीश कुशवाह, इंजी.अभय चोपड़ा , मुकुल उपाध्याय , अनूप सक्सेना, संजय डवालिकर, अभदेश राणा, मुकेश जयंत, रामबाबू, वंशकार रामावतार शिवहरे एवं लगभग 300 अधिकारी / कर्मचारी उपस्थित थे ।

