अब ग्वालियर में सड़क पर नहीं दौड़ सकेंगे पुराने वाहन, कबाड़ में भेजने के आदेश जारी
ग्वालियर. शहर में लगातार बढ रहे एयर पॉल्यूशन को सुधारने की दिशा में कलेक्टर ने बडर फैसला लिया है। कलेक्टर रूचिका चौहान ने पुराने वाहनों को लेकर परिवहन विभाग को निर्देश दिए है कि अब पूरे जिले में 20 साल से ज्यादा अवधि के निजी वाहन और 15 साल की अवधि से अधिक सरकारी वाहन सडकों पर दौडते नजर नहीं आने चाहिए। सडकों पर अगर ऐसा कोई वाहन दौडता पाया जाता है तो उसे तुरंत जब्त किया जाए साथ ही ऐसे वाहन पर चालानी कार्रवाई कर छोडने के बजाए उसे परिवहन के स्क्रैप केंद्र भेजा जाए।
वहीं कलैक्टर रूचिका चौहान ने परिवहन विभाग से तीन दिनों के भीतर एक सूची भी मांगी है जिसमें वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग बताई गई हो, साथ ही सरकार के प्रावधान को भी प्रस्तुत किया जाए ताकि प्रावधानों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई हो सके। कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त सूची के आधार पर वाहनों का चलना प्रतिबंधित किया जाएगा।
जिलेभर में रजिस्टर्ड हैं 12 लाख 53 हजार वाहन
ग्वालियर जिले में करीब 12 लाख 53 हजार वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें 1 लाख 33 हजार निजी वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने हैं। वहीं, अगर मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां लगभग 13 लाख 50 हजार वाहन स्क्रैप कराने लायक हैं। इनमें दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहन शामिल हैं। निजी वाहन स्क्रैप कराने पर रोड टैक्स में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी। वहीं, कमर्शियल वाहन पर 15 फीसदी तक की रोड टैक्स में छूट मिलेगी। ये भी जान लें कि, शासन द्वारा अधिकृत स्क्रैप सेंटर पर डिस्पोजल करने पर ही ये छूट मिल सकेगी।

