अन्तराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर मानसिंह पैलेस से सास-बहू मंदिर तक किया गया हेरिटेज वॉक का आयोजन
ग्वालियर -अन्तराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर प्रातः 10 बजे स्कूल के छात्र-छात्राओं, पर्यटकों एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के स्टॉफ के साथ किला स्थित मानसिंह पैलेस से सास-बहू मंदिर तक हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया इसके पश्चात स्कूल के छात्र-छात्राओं को संग्रहालय का भ्रमण कराया गया तत्पश्चात सभी को अन्तराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के संबंध में जानकारी दी गई कि अन्तराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस क्यों मनाया जाता है एवं इस दिवस को सर्वप्रथम कहाँ मनाया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथी एके. सिंह प्रवर अधीक्षक डाक विभाग ग्वालियर थे तथा आज के एएसआई रिटायर्ड अधीक्षण पुरातत्वविद विशिष्ट अतिथी डॉ. एके पाण्डे थे।
इस अवसर पर शशिकांत राठौर, सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद्, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, ग्वालियर किला द्वारा बताया गया कि प्रतिवर्ष अन्तराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 18 मई को मनाया जाता है अन्तराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस की अधिकारिक स्थापना 1977 में मास्को, रूस में ICOM महासभा के दौरान एक प्रस्ताव को अपनाने के साथ हुई थी।
मुख्य अतिथी एके सिंह द्वारा अपने संबोधन में बताया कि संग्रहालय एक ज्ञान के श्रोत है, यह राष्ट्रीय विरासत है एवं इनका इतिहास की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है इससे अर्जित ज्ञान को अपने जीवन में अपनाएं। यह सन 1983 में संयुक्त राष्ट्र के द्वारा पहली बार मनाया गया है इसमें इतिहास की वस्तुओं को संरक्षित कर संग्रहालय में रखा जाता है। अंत में आभार एसएम. सक्सैना संरक्षण सहायक एएसआई द्वारा व्यक्त किया गया। इस मौके पर मनोज कुमार मीणा, उद्यान सहायक, अनूप कुमार शिवहरे एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का समस्त स्टाफ उपस्थित थे।

“म्यूजियम वॉक” भी कराई गई
व्याख्यानमाला के बाद पुरातत्वविदों, विद्वानों, अतिथियों एवं छात्र-छात्राओं को केन्द्रीय पुरातत्व संग्रहालय गूजरी महल में “म्यूजियम वॉक” भी कराया गया। उप संचालक पुरातत्व एवं अभिलेखागार पीसी महोबिया व सपन साहू द्वारा संग्रहालय की सभी दीर्घाओं का भ्रमण कराया एवं पुरावशेषों के संबंध में जानकारी प्रदान की।

