टेरर फंडिंग को लेकर NIA की टीम ने भोपाल के खानूगांव में मारा छापा
नई दिल्ली. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सुबह भोपाल के खानूगांव में दबिश दी। बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित सगंठन पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआइ) को फंडिंग से जुड़े मामले को लेकर यह छापामार कार्रवाई की गई। एनआइए ने बुधवार अलसुबह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत छह राज्यों में एक साथ छापा मारा। पीएफआइ संगठन को देशविरोधी गतिविधियों के चलते पिछले साल ही केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था। प्रतिबंधित संगठन पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुडे लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को छापेमारी की है। एजेंसी ने पीएफआई के ऊपर यह कार्रवाई देशभर में उसके ठिकानों पर की है। छापेमारी दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, यूपी, राजस्थान, तमिलनाडु आदि स्थानों पर चल रही है। बता दें कि पीएफआई को पिछले साल आतंकवाद विरोधी गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत बैन कर दिया गया था।
केस नंबर 31/2022 में हुई छापेमारी
सूत्रों के अनुसार यह छापेमारी एजेंसी के केस नंबर 31/2022 में की गई है जो पीएफआई और उसके नेताओं और कैडरों की हिंसक और गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता से संबंधित है। सभी आरोपी पटना के फलवारीशरीफ इलाके में हिंसक और गैरकानूनी गतिविधियों के उद्देश्य से इकट्ठे हुए थे। हालांकि एनआईए के अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए है और ज्यादा कुछ बोलने से इनकार किया। मामला शुरू में 12 जुलाई 2022 को फुलवारीशरीफ पुलिस स्टेशन में एफआईआर के रूप में दर्ज किया गया था। इसके बाद एजेंसी ने मामले को फिर से पिछले साल 22 जुलाई को दर्ज किया था।

