MP में तड़पकर मर रहीं गायें, मंत्री बोले-सब कंट्रोल में
भोपाल. मध्यप्रदेश में लंपी वायरस के अटैक से मवेशी तड़प-तड़पकर मर रहे हैं। घरों के चबूतरों और बाड़ों में दर्द से रंभाती गायों को देख लोगों की आंखों में आंसू आ रहे हैं। कुछ गायों और बछड़ों का शरीर इतना गल गया है कि वे तड़पते हुए सांस लेने का प्रयास कर रहे हैं। प्रार्थनाएं की जा रही हैं कि भगवान इन मवेशियों को जल्दी उठा लें। इधर, सरकार इन सबसे बेखबर है। पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल से जब सवाल किया तो उनके पास कोई जवाब नहीं है, जबकि इंदौर के नजदीक एक गांव में खुद सरपंच ने 25 से ज्यादा गायें मरने की बात कही है। गांव से दूध खरीदना बंद कर दिया है। लोगों को आशंका है कि सरकार ने कदम नहीं उठाया तो मध्यप्रदेश में भी राजस्थान जैसे हालात बन सकते हैं। वहां भी जब लंपी का शुरुआती दौर था, तो सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। हालात लगातार बिगड़ते चले गए। राजस्थान सरकार का कहना था- सब कंट्रोल में है। यही कहना मध्यप्रदेश सरकार के पशुपालन मंत्री का भी है- सब नियंत्रण में है।
इंदौर में 25 से 30 गायों के मरने की बात कही
इंदौर शहर से 60 किमी दूर देपालपुर का सेमदा गांव। रामचरण बमोत्रिया के बाड़े में एक गाय ने दम तोड़ दिया। रामचरण ने जेसीबी बुलवाई और गांव से दो किलोमीटर दूर जंगल में गड्ढा खुदवाकर गाय को दफनाया। पवन ने बताया कि उनकी दो गायों की मौत हो चुकी है। अभी तीन गायें और एक बछड़ा बीमार है। गांव के रमेश गायों को सहलाते हुए खुद हल्दी से इलाज करते दिखे। उनके पास ही बैठे किसान कमल ने बताया कि गांव में 200 गायें बीमार हैं। हमारी नींद उड़ी हुई है। सरपंच गजराज बमोत्रिया से बात की तो उन्होंने 25 से 30 गायों के मरने की बात कही। गांव की सौदराबाई ने 50 गायों की मौत की बात कही। रश्मि चौहान और दिनेश केवट ने बताया कि रोज एक गाय की मौत हो रही है। उधर, पशु चिकित्सा विभाग सिर्फ 1 गाय के मरने और 89 बीमार में से 72 गायों के रिकवर होने की बात कह रहा है, लेकिन मैदानी हकीकत इसे सिरे से झुठलाती है। आज मंगलवार सुबह ही गांव के कल्याण पटेल, जगन्नाथ मालवीय और रमेश की गायों ने दम तोड़ दिया।
नीमच में 375 संक्रमित, 13 गायों की मौत
नीमच में भी हालात ठीक नहीं हैं। जिले के 147 गांवों में 400 से ज्यादा मवेशी लंपी वायरस से संक्रमित हैं। पशुपालन विभाग ने 13 मौतों की पुष्टि की है, पर असल आंकड़ा ज्यादा है। पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. एचवी त्रिवेदी ने बताया कि हम बीमारी से प्रभावित और मृत गोवंश की जानकारी लगातार जुटा रहे हैं। पीड़ित मवेशियों को वैक्सीन भी लगा रहे हैं। वेटनरी विभाग का दावा है कि अब तक 34521 मवेशियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। सोमवार को वैक्सीन खत्म हो गई। आज मंगलवार को नई खेप मिलने की उम्मीद है।
मुरैना में 800 के आसपास गोवंश बीमार, भिंड में भी 1 गाय की मौत
मुरैना का बड़ोखर एरिया। निर्माणाधीन मकान के किनारे फर्श पर पड़ा सांड। शरीर में ऐसी कोई जगह नहीं बची, जहां गठानें नहीं उभरीं हाें। सांसें कभी तेज हो रही हैं तो कभी धीमी। आंखों से लगातार पानी बह रहा है, हालत देखकर एहसास हो सकता है कि मवेशी कितने कष्ट में हैं। मुरैना जिले की बात करें तो यहां 700 से 800 गोवंश को वायरस ने अपनी चपेट में ले रखा है। शहरभर में ही यह आंकड़ा 100 के पार है। बड़ोखर क्षेत्र में 25 से 30 गाय बीमार मिलीं। इलाज के अभाव में कई मवेशी मर चुके हैं।
भिंड में सबसे पहले अटेर के पाली गांव में पांच गायों में लंपी वायरस के लक्षण नजर आए थे। इसके बाद एक गाय लहार में संक्रमित मिली। पांच बीमार गाय गोहद कस्बे में आवारा घूमती हुई मिलीं। दो दिन पहले मेहगांव अनुविभाग के बरहद गांव में दो गाय संदिग्ध मिली थीं। लहार मिली संक्रमित गाय की मौत हो चुकी है। वायरस से लड़ने के लिए जिले में 10 हजार वैक्सीन पहुंचाई गई हैं।

