राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू MP पहुंची, महासम्मेलन में बोलीं विकसित भारत के निर्माण की यात्रा अध्यात्म, सामाजिक समरसता व पर्यावण संरक्षा हो
भोपाल. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरूवार को मध्य प्रदेश के बैतूल में आयोजित ब्रह्मकुमरीज संस्थान के महासम्मेलन में कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा अध्यात्म, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षाण पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा व्यक्ति के जीवन में शांति, संतुलन और नई आशा का संचार करती है जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। राष्ट्रपति बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्अेडियम में ब्रह्मकुमारीज संस्थान द्वारा आयोजित आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तिकरण महासम्मेलन का शुभारंभ करने पहुंची। इस दौरान उन्होंने जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों की सराहना की।

दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया
स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने दीप प्रज्जवलित कर महासम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। मंच पर उन्हें मोमेंटो भेंट कर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई जिसके बाद महासम्मेलन की औपचारिक शुरूआत हुई।

महासम्मेलन की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की
इस विशाल महासम्मेलन की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मंच पर उनके अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, प्रदेश के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और संस्था के ओडिशा प्रभारी डॉ. नथमल मौजूद रहे, साथ ही माउंट आबू से आई लीना बहन और शैलजा बहन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।


