MP ई-अटेडेंस को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, शिक्षकों ने पेश किया एफिडेविट, सरकार ने नकारा नेटवर्क ईश्यू, 7 नवंबर को पुनः होगी सुनवाई
जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य बेंच जबलपुर में गुरूवार को ई-अटेंडेंस को लेकर दायर की गयी याचिका की सुनवाई की गयी है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और शिक्षकों की ओर से हलफनामे (शपथपत्र) दाखिल कियेगये। जहां शिक्षकों ने ‘‘हमारे शिक्षक’’ एप में तकनीकी खामियां, नेटवर्क और सर्वर की परेशानी बताई। वहीं राज्य सरकार ने अपने जवाब में नेटवर्क से जुड़ी सभी शिकायतों को सिरे से खारिज कर दिया है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के जवाब रिकॉर्ड में लेते हुए अगली सुनवाई 7 नवम्बर को तय की है। जबलपुर के शिक्षक मुकेश सिंह बरकड़े समेत राज्य के विभिन्न जिलों के 27 क्षिकों ने ई-अटेंडेंस प्रणाली के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्त्ताओं का कहना है कि ‘‘हमारे शिक्षक’’ एप से हर रोज उपस्थिति दर्ज कराने में गंभीर तकनीकी और व्यावहारिक परेशानियां आ रही है।
शिक्षकों ने कहा कि –
कई शिक्षकों के पास आधुनिक स्मार्टफोन नहीं हैं।
हर महीने डेटा पैक का खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है।
ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क कनेक्टिविटी कमजोर है।
ऐप का सर्वर धीमा चलता है और चेहरा मिलान (फेस मैचिंग) में दिक्कत आती है।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि ऐप से उपस्थिति दर्ज न कर पाने पर विभागीय अधिकारी शिक्षकों को परेशान कर रहे हैं। कुछ मामलों में वेतन रोकने और अनुशासनात्मक कार्रवाई की धमकी भी दी गई है।
नेटवर्क और तकनीकी समस्या नहीं – सरकार
राज्य सरकार की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि ‘हमारे शिक्षक’ ऐप सुचारू रूप से काम कर रहा है और प्रदेश के करीब 73% शिक्षक नियमित रूप से इसका उपयोग कर रहे हैं। सरकार ने नेटवर्क समस्या और तकनीकी खामियों को नकारते हुए कहा कि शेष शिक्षक भी ऐप के प्रयोग के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे हैं।
