IPS की लवस्टोरी बदली शादी में, अंशिका और केके बिश्नोई जल्द लेंगे 7 फेरे

बरेली/संभल. यूपी की सबसे चर्चित IPS जोड़ी अंशिका वर्मा और कृष्णकुमार (केके) बिश्नोई 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में शादी कर रहे हैं। संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली की एसपी साउथ अंशिका वर्मा की शादी की तारीख, हल्दी, संगीत और मेहंदी की रस्में तय हो चुकी है। दोनों अधिकारी अपनी बेहतरीन कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था को लेकर सदैव सुर्खियों में रहे हैं। इस बार उनकी चर्चा की वजह बेहद निजी और सुखद है। मूलरूप से राजस्थान और प्रयागराज के रहने वाले हैं। इन दोनों अधिकारियों नेअपने शानदार करियर के बीच अब साथ जीवन बिताने का फैसला किया है।
2018 बैच के अधिकारी हैं केके विश्नोई
2018 बैंच के आईपीएस अधिकारी कृष्णकुमार बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह संभल जिले में एसपी के पद पर तैनात है। संभल में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उनके द्वारा किये गये साहसिक कार्यो और प्रशासनिक सूझबूझ के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें सम्मानित किया है। केके विश्नोई को 2024 में गोरखपुर से संभल भेजा गया था। जहां उन्होंने आते ही अपनी कार्यशैली से जनमानस के बीच छाप छोड़ी है।
लेडी सिंघम के नाम मशहूर हैं अंशिका
आईपीएस अंशिकमा वर्मा वर्तमान में बरेली में एसपी साउथ के पद पर पदस्थ है। 2018 बैंच की यह अधिकारी यूपी के प्रयागराज की मूल निवासी हिै। उनकी शुरूआती शिक्षा भी वहीं हुई है। बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने एनडीपीएस, हत्या और कई चुनौतीपूर्ण मामलों को बेहद कम समय में समाधान किया है। अपने कड़े फैसलों की वजह से सदैव चर्चाओं में रहती है। उनकी कार्यक्षमता की सराहना प्रदेश सरकार भी कर चुकी है। वह संवेदनशील मामलों को सुलझाने में एक्सपर्ट मानी जाती है।
वीरांगना यूनिट के गठन से मिली पहचान
अंशिका वर्मा ने साल 2025 में उत्तर प्रदेश की पहली ‘वीरांगना यूनिट’ का गठन किया, जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया. इस यूनिट में महिला कमांडो को ताइक्वांडो और दंगों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है, ताकि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाई जा सके. इसके अलावा उन्होंने बरेली के मदरसा में चल रहे लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसे बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर सुर्खियां बटोरी थीं. अपराधियों को जेल भेजने के मामले में उनका रिकॉर्ड काफी सख्त रहा है.
संभल एसपी केके बिश्नोई ने 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के बीमा घोटाले का पर्दाफाश करते हुए 69 से ज्यादा माफियाओं को सलाखें के पीछे भेजा. उन्होंने संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा गैंग पर भी बड़ी कार्रवाई की और गैंग के मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया. वहीं, अंशिका वर्मा ने भी बरेली के देहात क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण आपराधिक गुत्थियों को सुलझाकर अपराधियों के मन में खौफ पैदा किया है.अब यह दोनों दमदार अधिकारी जोधपुर में एक नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं.

