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CM हेल्पलाइन के प्रकरणों के लिए अधिकारी स्वयं पहल करें- कलेक्टर 

ग्वालियर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकयतों के निराकरण को विभागीय अधिकारी प्रतिदिन स्वयं देखे, शिकायत कर्ता से चर्चा कर उसका निराकरण भी सुनिश्चित करें। ज्यादातर बहुत सी शिकायतों का निराकरण चर्चा के उपरांत हो जायेगा। कलेक्टर अक्षय सिंह ने यह निर्देश जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिती की बैठक में दिये हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिये है कि यह सीएम हेल्पलाइन के 100 दिन तक के लंबित प्रकरणों में 10 प्रतिशत, 100 दिन से 200 दिन तक के लंबित प्रकरणो में 5 प्रतिशत तथा 200 से अधिक दिनों से लंबित प्रकरणों में 2 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से अधिकारी स्वयं चर्चा करें। लंबित शिकायत कर्ताओं से कलेक्टर, सीओ जिला पंचायत और एडीएम भी सीधे चर्चा करेंगे। उन्होंने यह निर्देशित किया है कि छोटे-छोटे समूहों में गुगल मीट, फेसबुक लाइव के माध्यम से भी सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जाए। भ्रमण के दौरान सीएम हेल्पलाइन के शिकायत कर्ता से चर्चा के प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही पंचनामा बनाकर भी साथ मे लाए।
कलेक्टर ने बैठक से बीरू सहरिया से की चर्चा 
कलेक्टर ने बैठक से ही सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों मे से एक शिकायत कर्ता बीरू सहरिया को फोन लगाकर चर्चा की कलेक्टर ने पूछा की बीरू भाई क्या समस्या है अपने सीएम हेल्पलाइन मे शिकायत दर्ज की है श्री बीरू सहरिया ने बताया कि उसके पास  राशन की पात्रता पर्ची नहीं है इस कारण राशन नहीं मिल पा रहा है। कलेक्टर ने पूछा क्या पहले भी पारवारिक राशन कार्ड मे आपका नाम नहीं था। तब बीरू ने बताया कि पहले उसका नाम था लेकिन शादी के बाद नाम हटा दिया गया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारीयों को तत्परता से जांच कर पात्रता होने पर नाम जोडने के निर्देश दिये।  कलेक्टर के पूछने पर बीरू सहरिया ने बताया कि उसके परिवार को पोषण आहार के लिए 1000 रूपये की राशि मिलती है वोटर कार्ड और आधार कार्ड है। पेयजल के संबंध में भी पूछे जाने पर बताया कि घर के पास ही हैंडपंप है जिसके माध्यम से पानी उपलब्ध होता है।
सभी अधिकारी साइबर क्राइम से भी बचें
कलेक्टर श्री अक्षय सिंह ने बैठक में यह भी कहा कि वर्तमान समय में साइबर क्राइम की कई घटनायें सुनने को मिलती है। सभी अधिकारी पूरी सावधानी के साथ अपने बैंक एकाउंट और मोबाइलों का संचालन करें। जरा सी असावधानी से धोखा होता है। सावधानी से इससे बचा जा सकता है।
उन्होंने अधिकारीयों से यह भी कहा कि वह स्वयं भी अपने परीवार, परिचितों को भी सावधान रहने की सलाह दें। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के साथ अगर कोई घटना होती है तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारीयों को सूचित करें। ताकि संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जा सकें।

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