
ग्वालियर. शहर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर के नजदीक बनी मजार निर्माण को लेकर सोमवार को विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिन्दू परिषद (विहिप), बजरंग दल और अन्य हिन्दू संगठनों ने घटनास्थल पर पहुंचकर कर प्रदर्शन किया। उन्होंने वहां से मजार हटाने की माग करते हुए जमकर नारेबाजी की है।
वहां पर मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर हालात को काबू में रखा गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्यवाही की मांग की और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो आन्दोलन का और तेज किया जायेगा।
अवैध निर्माण कर बनाई बाउंड्रीवॉल
विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री राजू गोस्वामी ने बताया कि अचलेश्वर मंदिर की भूमि पर दरगाह का अवैध निर्माण किया गया है और बाउंड्रीवॉल भी बनाई गई है। उन्होंने दावा किया कि यह जगह मंदिर परिषद की है। गोस्वामी ने कहा कि इसी अवैध निर्माण को हटाने के लिए बजरंग दल के कार्यकर्ता एकत्रित हुए हैं।
गोस्वामी ने आगे कहा कि विरोधियों द्वारा हिंदू धार्मिक स्थलों के पास दरगाह आदि का निर्माण किया जाता रहा है, और अचलेश्वर मंदिर की जमीन पर भी ऐसा ही निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि इसे तुरंत रोका जाए और अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। मौके पर पहुंचे कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कुछ कार्यकर्ता यहां एकत्रित हुए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा की गई मांगों से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। अधिकारियों द्वारा जो भी निष्कर्ष निकाला जाएगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्वालियर – ग्वालियर डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (जीडीसीए) द्वारा रूपसिंह स्टेडियम की लीज नवीनीकरण की राशि का 1,84,86,000 (एक करोड़ चौरासी लाख छियासी हजार रुपये) का चेक नगर निगम के अपर आयुक्त प्रदीप तोमर को सौंपा है।
नोडल अधिकारी राजस्व ने बताया कि नगर निगम द्वारा 30 साल के लिए जीडीसीए को रूपसिंह स्टेडियम लीज पर दिया है। लीज नवीनीकरण की राषि नगर निगम में जमा करने के लिए नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने 1 जुलाई को जीडीसीए को पत्र लिखा था। जिसमें 7 दिन के अंदर लीज नवीनीकरण की राशि नगर निगम के कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके चलते 6 जुलाई को अपर आयुक्त (राजस्व) को जीडीसीए के सेक्रेटरी द्वारा यह चेक निगम को सौंपा गया है। इस अवसर पर एमआईसी सदस्य अवधेश कौरव उपस्थित रहे।
ग्वालियर. बहोड़ापुर थाना इलाके में एक ब्यूटी पॉर्लर संचालिका के साथ छेड़छाड और मारपीट का मामला सामने आया है। महिला के मुताबिक उसके पूर्व परिचित युवक ने पॉर्लर में घुसकर अभद्रता की है। गाली-गलौज की और बुरी नियत से उसका हाथ पकड़ लिया। महिला ने साहस दिखाते हुए आरोपी को धक्का दिया और हाथ छुड़ाया और वहां से निकल भागी। पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पॉर्लर में महिला से किया विवाद
पुलिस के अनुसार 36 वर्षीय पीडि़ता बहोड़ापुर इलाके में ब्यूटी पॉर्लर संचालित करती है। उन्होंने शिकायत में बताया है कि उनकी पहचान विजेन्द्र सिंह नाम युवक से लगभग 3-4 वर्ष पूर्व सोशल मीडिया के जरिये हुई थी। दोनों के बीच फोन पर चर्चा होती थी। रविवार की शाम को लगभग 6 बजे विजेन्द्र सिंह अचानक उनके पॉर्लर पहुंचा और बिना किसी वजह से विवाद शुरू हो गया।
मां के साथ पहुंची थाने
घटना के बाद पीड़िता सीधे अपने घर पहुंची और अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों बहोड़ापुर थाने पहुंचे, जहां महिला की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया। पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने आरोपी को गाली-गलौज करने से रोका तो वह और आक्रामक हो गया। उसने अश्लील गालियां दीं और बुरी नीयत से उनका हाथ पकड़कर छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने पूरी ताकत से आरोपी को धक्का देकर खुद को छुड़ाया और पार्लर से बाहर निकलकर वहां से भाग गई।

भोपाल. सीएम मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में इसी माह यूनीफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) आयेगा हिन्दू भाई एक शादी करता है। 7 फेरे लेता है तो सभी के लिये पैसा ही कानून होना चाहिये। कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति करती है। वह फिर दावा करेगी कि यह कानून किसी धर्म विशेष के खिलाफ है। कांग्रेसियों को याद रखना चाहिये कि एक समान नागरिक संहिता हर हाल में लागू की जायेगी। इसके लिये प्रदेश की जनता से सलाह ली गयी है। 10 लाख से ज्यादा सुझाव मिले है। हम चाहते तो सीधे विधानसभा में कानून ला सकते थे। लेकिन जनता की राय के आधार पर फैसला कर रहे हैं। सीएम यादव ने यह बात सोमवार को भोपाल के सतगढ़ी में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमिपूजन करने क बाद कहीं।

सीएम ने कहा है कि करीब 173 एकड़ मेें बनने वाला यह स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क ‘वर्क लिव ग्रो, मॉडल पर विकसिल किया जायेगा। यहां उद्योगों के साथ कर्मचारियों के रहने, कौशल विकास और अन्य जरूरी सुविधायें उपलब्ध होंगी। इससे उद्योगों को बेहतर माहौल मिलेगा। निवेश की उम्मीदें बढ़ेगी। पार्क में हाई वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग, गारमेंट, टॉयज, आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, लॉजिस्टिक्स और नयी तकनीक से जुड़े उद्योगों स्थापित किये जायेंगे। यह यह परियोजना भोपाल को औद्योगिक विकास का नया केन्द्र बनायेगी। इससे 15 हजार से अधिक प्रत्येक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
संविधान में यूनिफॉर्म सिविल कोड के बारे में क्या कहा गया है?
संविधान के अनुच्छेद 44 के भाग- 4 में यूनिफॉर्म सिविल कोड की चर्चा है। राज्य के नीति-निदेशक तत्व से संबंधित इस अनुच्छेद में कहा गया है कि ‘राज्य, देशभर में नागरिकों के लिए एक यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कराने का प्रयास करेगा।’ हमारे संविधान में नीति निदेशक तत्व सरकारों के लिए एक गाइड की तरह है। इनमें वे सिद्धांत या उद्देश्य बताए गए हैं, जिन्हें हासिल करने के लिए सरकारों को काम करना होता है।
नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्यवाही करते हुए आईएसआई और आतंकी शाहजाद भट्टी नेटवर्क के 2 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्यवाही में एक आंतकी मॉड्यूल और एक अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया है। स्पेशल सेल ने दिल्ली और पंजाब और उत्तर प्रदेश में अभियान चलाकर कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई पिस्तौल और पेट्रोल बम बरामद किये है। आपको बता दें कि रांची में आरएसएस कार्यालय में भी पेट्रोल बम का उपयोग हुआ था।
नई दिल्ली. अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे के बहाने ईरान अपना शक्ति प्रदर्शन कर इजरायल ने धमकी दी है। इजरायल ने कहा है कि ईरान को कोई भी भविष्य का नेता जो इजरायल को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा। उसका हश्र अली खामेनेई जैसा होगा। अली खामेनेई 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमले में मारे गये थे।
अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच इजरायल के रक्षामंत्री इजरायल काट्ज ने कसम खाई है कि भविष्य में जो भी ईरानी नेता इजरायल को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा। उनका भी वहीं हश्र होगा जो खामेनेई का हुआ है। काट्ज का कहना है कि खामेनेई की हत्या इजरायल ने इसलिये की क्योंकि उन्होंने इजरायल को खत्म करने की योजना शुरू की थी। उसका नेतृत्व किया था।
उन्होंने कहा है कि जो मारने निकला था उसे ही मार दिया गया। जो भी ईरानी नेता दोबारा इजरायल को खत्म करने की योजना को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा। उसे भी नाकाम कर दिया जायेगा। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की तरफ से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बदला लेने की मांगें ‘‘शर्मनाक है और अयातुल्ला शासन की असली प्रकृति को दर्शाती है।’’ काट्ज ने इस बात पर जोर दिया है कि भले ही ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की लड़ाई ने ‘इजरायल के विनाश के तत्काल खतरे का खत्म कर दिया और ईरान रणनीतिक क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया’ फिर भी यरूशलम सतर्क है और किसी भी समय और किसी भी खतरे के खिलाफ एक बार फिर अकेले ही अपनी रक्षा करने के लिये तैयार है।

भोपाल. पहली बार किसी राज्य के वक्फ बोर्ड में गैर -मुस्लिम (हिन्दू) सदस्यों की नियुक्ति हुई है। मध्यप्रदेश सरकार ने वक्फ बोर्ड का पुर्नगठन करते हुए इन्दौर के मनोज मालपानी और गुना के राधौगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को सदस्य बनाया है। इसके साथ ही सनवर पटेल को दोबारा बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
मध्यप्रदेश सरकार का दावा है कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के प्रावधानों के तहत बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। नये बोर्ड में कुल 10 सदस्य है। इससे पहले वक्फ अधिनियम 1995 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड के सदस्य केवल मुस्लिम समुदाय से ही होते थे। हालांकि कुछ सदस्यों का राज्य सरकार नामित करती थी। लेकिन उनके लिये मुस्लिम होना आवश्यक था। 2025 में कानून में संशोधन के बाद पहली बार यह व्यवस्था की गयी है कि प्रत्येक राज्य वक्फ बोर्ड में कम से कम 2 गैर मुस्लिम सदस्य होंगे।
कार्यकाल के आधार पर नजमा को मिली नियुक्ति
नजमा हेपतुल्ला का नाम पहले के कार्यकाल के आधार पर शामिल किया गया है, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है। मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 4 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य शासन ने वक्फ अधिनियम की धारा 13(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह गठन किया है। केंद्रीय वक्फ परिषद में भी दो गैर-मुस्लिम सदस्यों का प्रावधान किया गया है। इसी बदलाव के तहत मध्यप्रदेश में पहली बार दो हिंदू सदस्यों को बोर्ड में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने 4 जुलाई 2026 को जारी राजपत्र (असाधारण) की अधिसूचना में वक्फ अधिनियम की धारा 13(1) के तहत बोर्ड के गठन की घोषणा की। पूर्व केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला का नाम उनके पहले से चल रहे कार्यकाल के आधार पर बोर्ड में बरकरार रखा गया है। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक रहेगा। सरकार का कहना है कि नए बोर्ड के जरिए वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और सुशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
नई दिल्ली. मानसेून दक्षिण-पश्चिमी केरल से शुरू होकर पूरे देश में फैलता है। आमतोर पर 15 जून तक दिल्ली पहुंच जाता है। लेकिन इस बार अलग हैं आसमान में लगातार बादल आ रहे है। नमी बढ़ रही है। लेकिन अच्छी वर्षा नहीं हो पा रही है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर दिल्ली का मानसून कहां अटक गया है। मानसून सिर्फ वर्षा नहीं, बल्कि हवा, समुद्र और वातावरण के जटिल संबंधों का नतीजा है।
वर्तमान में प्रशांत महासागर में मजबूत अल-नीनों बन रहा है। डब्ल्यूएमओ के मुताबिक, जुलाई-सितम्बर 2026 में यह तेजी मजबूत हो रहा है। अल-नीनो तब होता है। जब प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से का पानी 2 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक गर्म हो जाता है। इससे ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती है। सामान्य स्थिति में यह हवायें पूर्व से पश्चिम की तरफ चलती है। नमी वाले बादलों का भारत की तरफ ले जाती है। अल-नीनो में हवाओं का रूख बादल जाता है। जिससे भारतीय मानसून की ताकत कम हो जाती है।
इन्दौर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इन्दौर बेंच ने महिलाओं के प्रजनन अधिकारों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने 13 सप्ताह की गर्भवती विवाहित महिला को गर्भपाल की अनुमति दी है और साथ ही स्पष्ट किया है कि कानून द्वारा निर्धारित अवधि के अन्दर गर्भावस्था है तो महिला स्वयं तय कर सकती है कि वह गर्भ रखना चाहती है या नहीं। उसे गर्भपात के पति की सहमति आवश्यक नहीं है।
29 जून 2026 का हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया था। मामला इन्दौर संभाग के एक हाईप्रोफाइल दम्पत्ति का है। शादी को 2 वर्ष हुए थे। इस दौरान दोनों विवाद होने लगे। अहम बात यह है कि इस बीच पत्नी गर्भवती थी। उसे 13 हफ्ते का गर्भ था। चूंकि दंपत्ति के बीच विवाद अधिक होने लेगे और पत्नी भी अलग हो गयी। ऐसी स्थिति में पत्नी नहीं चाहती थी कि बच्चा जन्म ले क्योंकि मौजूदा स्थिति और उसके भविष्य का सवाल था।
पति को नोटिस जारी फिर भी नहीं हुआ पेश
मामले में पति को नोटिस जारी किया गया था उसकी तामील भी हो चुकी थी। लेकिन वह सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। राज्य शासन की तरफ से भी याचिका पर कोई आपत्ति नहीं जताई गयी। मामले में हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले एक्स बनाम प्रिंसिपल सेक्रेटरी, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर का उल्लेख करते हुए कहा है कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत महिला को अपनी शारीरिक स्वायत्तता और प्रजनन संबंधी निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है।
क्यों दी गर्भपात की अनुमति
कोर्ट ने कहा कि अवांछित गर्भावस्था का मानसिक और शारीरिक प्रभाव सबसे अधिक महिला पर पड़ता है, इसलिए गर्भ जारी रखना है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय महिला का ही होगा।
कोर्ट ने कहा कि महिला की गर्भावस्था 13 सप्ताह और एक दिन की है, जो मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (MTP) एक्ट, 1971 की निर्धारित सीमा के भीतर है। ऐसे मामलों में अधिकृत डॉक्टर्स कानून के अनुसार गर्भसमापन की प्रक्रिया कर सकते हैं।
कोर्ट ने यह भी माना कि वैवाहिक स्थिति में बदलाव, पति-पत्नी का अलग रहना और तलाक की स्थिति भी गर्भपात की अनुमति के लिए वैध आधार हो सकते हैं।
आदेश में हाई कोर्ट ने कहा कि किसी भी महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भावस्था जारी रखने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। महिला की गरिमा, मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान द्वारा संरक्षित अधिकार हैं।
कोर्ट ने डॉक्टर्स को निर्देश दिया कि गर्भपात की प्रक्रिया स्वास्थ्य मंत्रालय और कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी सावधानी और संवेदनशीलता के साथ की जाएं। याचिका स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने महिला को गर्भपात की अनुमति प्रदान कर दी और मामले का निराकरण कर दिया।