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मिडिल ईस्ट में 3500 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात, ऑपरेशन जोन में पहुंचा यूएसएस त्रिपोली

नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को बड़े स्तर पर बढ़ा दिया है। अमेरिका ने क्षेत्र में 3500 से अधिक सैनिक तैनात किये है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि आधुनिक युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली अपने निर्धारित ऑपरेशनल जोन में पहुंच चुका है। जिसमें करीब 2500 मशीन सैनिक सवार है।
आपको बता दें कि युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली एफ-35 स्टील्थ फायटर जेट और ओस्प्रे जैसे एडवांस एयरक्राफ्ट ऑपरेट करने में सक्षम है। इसको पहले जापान में तैनात किया गया था। लेकिन लगभग 2 हफ्ते पहले इसे मिडिल ईस्ट भेजा गया। इसके अलावा यूएसएस बॉक्सर और सैन डिएगो से अन्य नौसैनिक यूनिट्स का भी क्षेत्र मेे भेजा जा रहा है।

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अब 11 मिनट में कार होगी कार फुल चार्ज, चीन ने विकसित की तकनीकी, दूर होगी चार्ज करने की परेशानी

नई दिल्ली. इलेक्ट्रिक कारों को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि अभी भी भारी तादाद में इन्हें ग्राहक नहीं मिल रहे है। इसकी सबसे बड़ी वजह है बैटरी को चार्ज होने में लगने वाला समय और ईवी की रेंज है। जहां पेट्रोल या डीजल कार में कहीं भी फ्यूल डलवाया जा सकता है। वहीं ईवी के चार्जिंग स्टेशन भी कम है।
इसके अलावा ईवी को चार्ज करने में लगने वाला समय अधिक है। इसका समाधान चीनी ऑटोमोबाइल कम्पनी बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कम्पनी लिमिटेड (बीएआईसी) ने तलाश लिया है। बीएआईसी ने सोडियम-आयन बैटरी टेक्नोलॉजी के डवलपमेंट में एक अहम कामयाबी का ऐलान किया है। बीएआईसी चीन का एक प्रमुख कार निर्माता है। कम्पनी इलेक्ट्रिक और आईसीई दोनों तरह की कार्स बनाती है। कम्पनी के रीसर्च डिवीजन केअनुसार एक प्रोटोटाइप सोडियम -आयन बैटरी विकसित की गयी है। जिसकी एनर्जी डेंसिटी 170 व्हाटप्रति किलोग्राम है। यह बैटरी 4सी फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसे फुल चार्ज होने में महज 11 मिनट का समय लगेगा। यह चार्जिंग टाईम टेस्टिग कंडीशन का है। रीयल वर्ल्ड में चार्जिंग का समय ज्यादा हो सकता है। इस सिस्टम को अलग-अलग तापमान पर काम करने के लिये डिजाइन किया गया है।
कई कंपनियां कर रही हैं काम
बीएआईसी (BAIC) ने इस प्रोग्राम से जुड़े लगभग 20 पेटेंट फाइल किए है।  ये पेटेंट्स मटेरियल, सेल डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग प्रॉसेस और टेस्टिंग से जुड़े है।  कंपनी चार्जिंग स्ट्रैटेजी, इलेक्ट्रोकेमिकल मॉडलिंग और बैटरी डिग्रेडेशन पर भी काम कर रही है। दूसरी चीनी कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही है। फरवरी 2026 में चांगान ऑटोमोबाइल और सीएटीएल ने पहली मास-प्रोड्यूस्ड सोडियम-आयन इलेक्ट्रिक कार पेश की है। इसमें 45 kWh की बैटरी और 400 किमी से ज्यादा की रेंज का दावा किया गया है।  ये कार 2026 मिड तक बाजार में लॉन्च हो सकती है.BAIC (बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कंपनी लिमिटेड) की बात करें, तो कंपनी ने अभी तक अपनी सोडियम-आयन बैटरी के कमर्शियल लॉन्च की जानकारी नहीं दी है।  फिलहाल ये टेक्नोलॉजी प्री-कमर्शियल स्टेज में  है।
लो टेम्परेचर में भी करेगी काम
इसे -40 डिग्री सेल्सियस से 60 डिग्री सेल्सियस तक काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी का दावा है कि -20 डिग्री सेल्सियस पर भी बैटरी रिटेंशन लगभग 92 परसेंट है।  ये दिखाता है कि कम तापमान में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने बताया है कि बैटरी ने इंटरनल वैलिडेशन टेस्टिंग को पास कर लिया है। थर्मल टेस्टिंग में 200 डिग्री सेल्सियस तक के टेम्परेचर पर भी बैटरी स्टेबल थी. ये सोडियम-आयन बैटरी कंपनी की अरोरा बैटरी प्रोग्राम का हिस्सा है।  इसमें लिथियम आयन बैटरी, सॉलिड स्टेट और सोडियम आयन बैटरी शामिल है।  कंपनी ने प्रिजमैटिक सोडियम-आयन सेल्स के लिए मास प्रोडक्शन प्रॉसेस वैलिडेशन भी पूरा कर लिया है।
पूरे चीन में सोडियम आयन बैटरियों को एडिशनल सॉल्यूशन के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर कम लागत और ठंडे मौसम वाले यूजेज के लिए. लिथियम-आयन फॉस्फेट बैटरियों की तुलना में, सोडियम-आयन बैटरियों में रॉ मैटेरियल आसानी से मिल जाता  है।साथ ही इनकी कोल्ड-वेदर परफॉर्मेंस बेहतर होती है।हालांकि एनर्जी डेंसिटी के मामले में ये अभी पीछे है।

 

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दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कैमरे का एक्सेस पाकिस्तान में था, जासूसी कांड में चौकाने वाला खुलासा, 22 आरोपियों की गिरफ्तारी

गाजियाबाद . पाकिस्तान के लिये जासूसी करने वाले नेटवर्क पर कार्यवाही करते हुए गाजियाबाद पुलिस ने फरीदाबाद से नौशाद अली उर्फ लालू को हिरासत में लिया है। नौशाद गांव नचौली में एक पेट्रोल पम्प पर पिछले 3 माह से पंचर बनाने की दुकान चला रहा था। पुलिस के अनुसार वह इसी दुकानकी आड़ में जासूसी गतिविधियों का अंजाम दे रहा था। इस मामले में गैंग के सरगना सुहेल सहित अभी तक 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने नौशाद क अलावा मथुरा निवासी एक महिला और एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया है कि सुहेल ने ही इस नेटवर्क से जोड़ा था। जांच में सामने आया है कि यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर व्हाट्सऐप गु्रुप के माध्यम से पाकिस्तान भेजता था। इसके बदले में उसे हर फोटो के लिये 4-6 हजार रूपये तक मिलते थे। सबसे चौंकाने वालीबात यह सामने आयी है कि इस गैंग ने दिल्ली और हरियाणा के कई रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगा रहे थे। इन कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग का एक्सेस पाकिस्तान में मौजूद लोगों के पास था, जो कि सीधे इन संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहे थे।
प्लानिंग थी 50 सोलर कैमरे लगाने की
पुलिस के मुताबिक गैंग देश में लगभग 50 सोलर कैमरे लगाने की प्लानिंग पर काम कर रहा था। कुछ जगहों पर कैमरे लगाये भी जा चुके थे। दिल्ली और सोनीपत में लगे कैमरों को बरामद कर लिया गया है उन्हें फोरेंसिक जांच के लिये भेजा जा रहा है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि नौशाद मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर का निवासी है। उसे कोलकाता से बुलाकर फरीदाबादमें यह दुकान खुलवाई गयी थी। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस जासूसी रैकेट के तार और किन-किन जगहों से जुड़े हैं।

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पेरू की सीमा पर कोलंबिया का सैन्य प्लेन क्रैश, 110 सैनिक से सवार

नई दिल्ली. कोलंबिया को सुदूर दक्षिणी अमेजन इलाके में उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद110 सैतनिको को ले जा रहा एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सोमवार को सैनिकों को ले जाते समय यह प्लेन पेरू की सीमा के पास स्थित पुएर्तो लेगुज़ामो कस्बे के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय मीडिया आउटलेट ब्लूराडियो के अनुसार घटना के समय प्लेन में 110 सैनिक सवार थेय यह दुर्घटना एक शहरी क्षेत्र से मात्र 3किमी दूर हुई है। रॉयटर्स के मुताबिक हरक्यूलिस सी-130 विमान के मलबे से नजदीक 57 लोगों को जीवित बाहर निकाला है। स्थानीय मीडिया द्वारा शेयर किये गये वीडियो में हादसे वाले इलाके से काले धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।
कोलंबिया के राष्ट्रपति ने जताई चिंता
सैन्य विमान दुर्घटना की घटना पर कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तदेव पेट्रो ने चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा है कि मुझे उम्मीद है कि इस भयावह हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ होगा। जो कभी नहीं होनी चाहिये थी। पेट्रो ने इस दुर्घटना को कोलंबिया के सैन्य बेडे के आधुनिकीकरण में लम्बे वक्त से हो रही देरी से जोड़ा है। गुस्तदेव पेट्रो ने कहा कि मैं और देरी बर्दाश्त नहीं करूंगा। हमारे युवाओं का जीवन दांव पर लगा है। अगर नागरिक या सैन्य प्रशासनिक अधिकारी इस चुनौती का सामना करने में सक्षम नहीं है तो उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिये।
हरक्यूलिस सी-130 जिसे पहली बार 1950 के दशक में पेश किया गया था। दुनियाभर के सैन्य परिवहन बेड़ों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। जिसमें 1960 के दशक के अंत से कोलंबिया भी शामिल है। हालांकि समय-समय पर कुछ विमानों को अपग्रेड किया गया है।लेकिन पुराने होते उपकरणों को लेकर चिंतायें अब भी बनी हुई है।

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न्यूयॉर्क एयपोर्ट पर प्लेन से टकराया ट्रक, 4 यात्री घायल, पायलट, को -पायलट की मौत

नई दिल्ली. न्यूयॉर्क के ला गार्डिया एयरपोर्ट पर सोमवार को एक बड़ा विमान एक्सीडेंट हो गया है। खराब मौसम की वजह से बीच गेट की ओर जा रहा एयर कनाडा का एक जेट रनवे पर खड़े फायर ट्रक से टकरा गया, जिसमें पायलट, को -पायलट की मौत हो गयी और 4 यात्री घायल हो गये। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और स्थानीय रिपोर्टो के अनुसार हादसे का शिकार हुआ विमान ‘‘एयर कनाड़ा’’ एक्सप्रेस सीआरजे-900 है। जो मॉन्ट्रियल से न्यूयॉर्क पहुंचा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि इसमें 4 फायरब्रिगेड के कर्मचारी घायल हो गये है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
बन्द किया गया पूरा एयरपोर्ट
ला गार्डिया काफी बिजी और भीड़भाड़ वाला एयरपोर्ट है। प्लेन क्रैश होने के कारण से फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने ला गार्डिया एयरपोर्ट पर सभी उड़ानों के लिये ग्राउंड स्टॉप जारी कर दिया है। शुरूआत में 5.30 बजे तक उड़ानों पर रोक लगाई गयी थी। लेकिन स्थिति की गंभीरता का देखते हुए इसे 18 बजे तक बन्द रखा जा सकता है। एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां रनवे से मलबा हटाने और जांच करने में जुटी है। शुरूआती रिपोर्ट की मानें तो हादसे की वजह खराब मौसम और बिजिविलिटी की कमी बताई जा रही है। फिलहाल इस बात की पुष्टि नहीं हुई है। दमकल की गाड़ी रनवे पर क्यों मौजूद थी। रेग्यूलेंटर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सिक्योरिटी स्टैंडर्ड की भी समीक्षा की जायेगी।

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परमाणु प्लांट तक पहुंची इजरायल की बमबारी, बढ़ा रेडिएशन का खतरा

नई दिल्ली. 21 मार्च 2026 को ईरान के खूजिस्तान प्रांत में देजफुल शहर के पास वाहदाती एयरबेस (4) पर जबरदस्त बमबारी हुई है। अमेरिका और इजरायल प्रेसीजन मिसाइलों ने बेस के गोला बारूद के बंकरों को निशाना बनाया है। हमले के बाद बंकरों में स्टोर किये गये हथियार स्वयं फटने लगे। सेकेंडरी एक्सप्लोजन की चेन रिएक्शन शुरू हो गयी है। आसमान में मशरूम क्लाउड उठा और आग की लपहेंट कई किमी दूर से दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने मोबाइल व वीडियों बनाया है। जिससे धमाकों की आवाज, पक्षियों की चहचहाहट औरे लगातार रंबलिंग शॉकबेव सुनाई दे रही थी। यह बेस 1980 से ईरान के पुरान एफ-5 टाइगर ।। फायटर जेट्स का घर था।
डिमोना पर हमला अब इजरायल परमाणु प्लांट निशाने पर
इजरायल के डिमोना न्यूक्लीयर रिसर्च सेंटर पर भी हमला हुआ है। यह इजरायल का मुख्य परमाणु रिएक्टर है। जहां परमाणु हथियार से जुडी रिसर्च होती है। ईरान की ओर से मिसाइल या ड्रोन हमला बताया जा रहा है। हमले से रेडिएशन लीक होने का खतरा है। डिमोना पहले भी ईरान के टारगेट पर रहा है। लेकिन इस बार भी यह सीधे हिट हुआ। इजरायल ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया । स्थानीय रिपोर्ट्स में धुएं और आग की खबरें आ रही है।
न्यूक्लियर कितना है खबरनाक
परमाणु प्लांट्स पर बमबारी से रेडियेशन लीका का बहुत ही बड़ा खबरा पैदा हो गया हे। डिमोना और ईरान के प्लांट्स में यूरेनियम और प्लूटोनियम स्टॉक है। अगर रेडिएशन फैला तो आसपास के इलाकों में लोग बीमार हो सकते है। मिट्टी और पानी प्रदूषित हो सकता है। लेकिन अभी तक कोई न्यूक्लियर बम या न्यूक्लियर वेपन का उपयोग नहीं हुआ है।
ईरान के परमाणु सुविधाओं पर हर हमला
ईरान जंग के 22 दिन में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के न्यूक्लियर सेंटर्स पर कई हमले किए…
नतांज – यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट. मार्च 2026 में पांचवीं बार हमला हुआ. सेंट्रीफ्यूज मशीनें तबाह. एंट्रेंस ब्लॉक हो गया है।
फोर्डो – पहाड़ के नीचे अंडरग्राउंड प्लांट. हाई-लेवल यूरेनियम एनरिचमेंट होता था. बंकर बस्टर बम से हमला, लेकिन कुछ हिस्से बच गए है।
इस्फहान – यूरेनियम कन्वर्जन और फ्यूल फैब्रिकेशन सेंटर. 40 साल पुराना. हमलों से मेटल प्रोडक्शन यूनिट नष्ट.
पारचिन – मिलिट्री कॉम्प्लेक्स, टेलघान-2 साइट पर न्यूक्लियर हथियार टेस्टिंग. क्लस्टर मुनिशन से हमला, एक्सप्लोसिव टेस्टिंग लैब्स तबाह.
मिन्जादेही – तेहरान के पास अंडरग्राउंड साइट. न्यूक्लियर वेपन कंपोनेंट डेवलपमेंट पूरी तरह नष्ट. ये सभी साइट्स पर बंकर बस्टर और प्रेसीजन मिसाइलों से हमले हुए. कई टॉप न्यूक्लियर वैज्ञानिक भी मारे गए.
महायुद्ध की तस्वीर क्यों डरावनी लग रही है
देजफुल और डिमोना के हमले से युद्ध की भयावह तस्वीर साफ हो गई है. पहले सिर्फ मिलिट्री बेस टारगेट थे, अब तेल हार्टलैंड और परमाणु साइट्स निशाने पर हैं. ईरान का खूजिस्तान तेल प्रांत है जहां से 90% तेल निकलता है. हमले के बाद एम्यूनिशन डिपो खुद फटने लगा है।
इजरायल के डिफेंस मिनिस्टर ने अंडरग्राउंड बंकर से कहा स्ट्राइक्स सिग्निफिकेंटली बढ़ाए जाएंगे. 48 घंटे का अल्टीमेटम चल रहा है. नतांज पर पांचवां हमला हो चुका है।  ये सब देखकर दुनिया डर गई है कि कहीं पारंपरिक युद्ध न्यूक्लियर वॉर तक न पहुंच जाए ।

 

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लारिजानी की मौत के बाद ईरान को 2 बड़े नुकसान मारे गये IRGC के प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी -प्रवक्ता मोहम्मद नैनी

नई दिल्ली. इजरायल के ताजा हमले में ईरान को 2 बड़े झटके लगे है। ईरान ने बताया है कि इजरायली हवाई हमले में इस्लामिक रिव्यूलेशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी और दूसरे हमले में ईरान के बासिज फोर्स के खुफिया प्रमुख जनरल इस्माइल अहमदी की मौत हो गयी है। इजरायल के ताजा हमले में ईरान को एक और बड़ा नुकसान हुआ है। ईरान ने कहा है कि इजराइली हवाई हमले में इस्लास्मिक रिव्यूलेश्नरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी की मौत हो गयी है। ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता और जनसंपर्क के उप-प्रमुख थे।
उन्हें जुलाई 2024 में IRGC  के कमाण्डर इन चीन हुसैन सलामी ने इस पद पर नियुक्त किया गया था। 1957 में जन्मे नैनी ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी सैनिक थे। इस युद्ध के दौरान यह जख्मी भी हुए थे। नैनी के पास उनके सेकेंण्ड ब्रिगेडियर जनरल का पद था। नैनी अक्सर आईआरजीसी की तरफ से बयान जारी करते थे। जिनमें ईरान की सैन्य तत्परता, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के संबंध में चेतावनियां होती थी।
17 मार्च को अली लारिजानी मारे गए
इससे पहले इजरायल के हमले में ईरान के डी फैक्टो लीडर अली लारिजानी की 17 मार्च 2026 को मौत हो गई थी।  यह हमला रात में हुआ था जब वे अपनी बेटी के घर पर थे. इस हमले में उनके बेटे, कुछ अंगरक्षक और अन्य साथी भी मारे गए।  लारिजानी को खामेनेई की मौत के बाद ईरान का अस्थायी प्रमुख माना जा रहा था।  उनकी मौत ने ईरान के नेतृत्व में बड़ा संकट पैदा किया है।

 

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हीलियम संकट से दुनिया में आया संकट, कतर पर ईरानी हमले से पूरी टेक इंडस्ट्री लाइफ सपोर्ट पर

नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में अब एक नया मोड़ आ गया है। ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लां टरास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल और ड्रोन हमला कर दिया है। यह प्लांट दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) प्लांट है। हमले से प्लांट में आग लग गयी और भारी नुकसान हुआ है। कतर एनर्जी के सीईओ ने बताया है कि प्लांट की 17 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही है। फिलहाल 3-5 वर्ष तक के लिये बन्दर रहेगी। इसे ठीक करने में इतना वक्त लगेगा। सबसे बड़ी समस्या यह है कि हीलियम गैस का उत्पादन भी रूक गया है। कतर दुनिया का 33प्रतिशत हीलियम सप्लाई करता था। अब पूरी दुनिया का एक तिहाई हीलियम एक रात में गायब हो गया।
क्या है हीलियम और क्यों है जरूरी
ळीलियम एक बहुत हल्की और ठंडी गैस है यह चिप फैक्ट्री (सेमीकंडक्टर) में मशीनों को ठंडा रखने के लिये, एमआरआई मशीन में, रॉकेट फ्यूल औरकई इंडस्ट्री में उपयोग लाई जाती है। इसके कोई सस्ता विकल्प नहीं है। अब सप्लाई बन्द होने से कीमतें दुगुनी हो गयी है। कई देशों में संकट शुरू हो गया है।

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IRGC ने एफ-35 मार गिराया, वीडियो भी जारी किया

तेल अवीव. मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुडे प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला इजराइल ने अकेले ही किया था। इसमें अमेरिका शामिल नहीं था। नेतन्याहू ने गुरूवार की देर रात पत्रकारों से चर्चा कर बताया है कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल से ऐसे हमलों को फिलहाल रोकने के लिये कहा है। इजराइल इस पर अमल कर रहा है। नेतन्याहू ने कहा है कि ट्रम्प ने हमसे भविष्य में ऐसे हमले रोकने के लिये कहा है हम फिलहाल रूके हुए हैं।
युद्ध के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि उसने अमेरिकी एफ-35 फायटर जेट पर हमला कर उसे नुकसान पहुंचाया है। आईआरजीसी ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है। जिसमें जेट को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की पुष्टि नहीं हो पायी है। एफ-35 दुनिया के सबसे एडवांस फायटर जेट में गिना जाता है। इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा होती है।

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युद्ध जारी है ईरान ने यूएई और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को फिर से किया टारगेट

Iran new attacks

नई दिल्ली. ईरान ने शनिवार को युद्ध के 49वें दौर में ऑपरेशन टू प्रॉमिस-4 शुरू किया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भारी मिसाइलों और ड्रोन से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और कुवैत में 3 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अटैक किया है। इससे पहले दिन में 47वें और 48वें दौेर में ईरान ने इजरायली ठिकानों और क्षेत्र के अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया हे। ईरान का कहना है कि यह जवाबी हमले अमेरिका-इजरायल के लगातार हमलों के खिलाफ है।
खार्ग द्वीप पर अमेरिका का हमला-90 से अधिक सैन्य ठिकाने तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर हमले किये हैं। द्वीप पर 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है। इनमें नेवल माइन स्टोरेज, मिसाइल बंकर और कई अन्य सैन्य सुविधायें पूरी तरह नष्ट हो गयी है। लेकिन तेल संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझ कर बचाया गया। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया है कि खार्ग द्वीप पर स्थिति अब नियंत्रण में है। हमले के तुरंत बाद द्वीप की एयर डिफेंस सिस्टम फिर शुरू कर दी गयी। हमलावर अपने मकसद में असफल रहे।
इजरायल ने 2 सीनियर ईरानी अधिकारियों को मार गिराया
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया है कि तेहरान पर हवाई हमले में खातम अल-अनबिया इमरजेंसी कमांड के 2 वरिष्ठ अधिकारी अब्दोल्लाह जलाली-नासब और अमीर शरीअत मारे गये। इजरायल ने पिछले 24 घंटों में ईरान के पश्चिमी और मध्यभाग में 200 से अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर साइटों पर हमले किये। इनमें दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर (कुछ तो लोडेड और फायर करने के लिये तैयार थे)। एयर डिफेंस सिस्टम, लांच पैड और हथियार स्टोरेज सुविधायें शामिल थी। इजराइल का कहना है कि यह हमले ईरान की मिसाइल क्षमता को कमजोर करने के लिये किये गये है।
युद्ध का पूरा ताजा अपडेट और स्थिति
इस युद्ध में अब ईरान लगातार जवाबी हमले कर रहा है। जबकि अमेरिका और इजरायल सैन्य ठिकानों पर फोकस्ड स्ट्राइक्स जारी रखे हुए है।  खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमले के बावजूद ईरान ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस फिर सक्रिय हो गई है। दोनों तरफ से सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन इस्तेमाल हो रहे है।  सऊदी अरब और UAE जैसे खाड़ी देश भी अब सीधे प्रभावित हो रहे है।  स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और दोनों पक्ष आगे के हमलों की तैयारी में लगे है।  तेल कीमतें बढ़ रही हैं और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है।