राजनीति

Newsराजनीतिराज्य

एसपी ने किया ट्रैफिक थाना टीआई और हेड कांस्टेबल लाइन हाजिर, रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल

श्योपुर. शुक्रवार को एसपी वीरेन्द्र जैन ने यातायात थाना टीआई संजय राजपूत और प्रधान आरक्षक वीर सिंह उर्फ वीरू भदौरिया को लाइन अटैच किया है। 5 ट्रैक्टरों को रेत का अवैध परिवहन करने की छूट देने के नाम पर टीआई और प्रधान आरक्षक का रिश्वत से जुडा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसके बाद एसपी की ओर से यह कार्यवाही की गयी है।
क्या है घटनाक्रम
गुरूवार की दोपहर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें ट्रैफिक थाना टीआई और प्रधान आरक्षक रात के अंधेरे में पुलिस लाइन रोड पर एक शख्स से चम्बल के रेत का अवैध परिवहन करने के बदले में 5 ट्रैक्टरों से 3-3 हजार रूपये प्रति ट्रैक्टर के हिसाब से 15 हजार रूपये प्रतिमाह की रिश्वत देने की बात कर रहे थे। संबंधित व्यक्ति 10 हजार रूपये देकर 5 हजार बाद मे देने की बात करता है। इस बातचीत का वीडियो बनाकर अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद एसपी ने टीआई और प्रधानआरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी की जायेगी। जिसके बाद आगे की कार्यवाही होगी। मामले पर एएसपी सत्येन्द्रसिंह तोमर ने बताया है कि ट्रैफिक थाना प्रभारी और हैड कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच की जायेगी और इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।

 

 

 

Newsराजनीतिराज्य

तिलमिलाया चीन-अरूणाचल पहाड़ी को पर्वतारोहियों ने दिया दलाई लामा का नाम, यह हमारा इलाका है

नई दिल्ली. अरूणाचल प्रदेश को लेकर चीन ने एक बार फिर अपने नापाक मंसूबे जाहिर किये है। भारतीय पर्वतारोहियों द्वारा अरूणाचल प्रदेश के एक पर्वत का नाम छठे दलाई लामा कके नाम पर रखने पर चीन का ेअब मिर्ची लगी है। चीन ने गुरूवार को भारत के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए एक बार फिर क्षेत्र पर अपना दावा किया है। दरअसल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स () की एक टीम ने अरूणाचल प्रदेश में 20,942 फीट ऊंची एक अनाम चोटी पर चढ़ाई की थी और छठे दलाई लामा त्सांगयांग ग्यात्सो के नाम रखने का फैसला लिया था। त्सांगयांग ग्यात्सो 1682 में तवांग क्षेत्र में जन्मे थे। आपको बता दें कि जिस चोटी पर पर्वतारोहियों ने चढ़ाई की है वहां आज तक कोई नहीं चढ़ा था।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स जो अरूणाचल के दीरंग में स्थित में है। रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। रक्षा मंत्रालय के एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है। छठे दलाई लामा के नाम पर पहाड़ी का नाम रखना उनकी अमर बुद्धधिमता और मोनपा समुदाय के प्रति उनके गहरे योगदान को सम्मानित करने के लिये है।
भारत ने चीन का दावा किया खारिज
भारत ने चीन के अरूणाचल प्रदेश पर दावों को अस्वीकार करते हुए कहा है कि वह अरूणाचल भारत का अभिन्न हिस्सा है। किसी के अवैध दावे से यह बदलने वाला नहीं है।
चीन क्या बोला
अरूणाचल प्रदेश में चोटी का नाम छठे दलाई लामा के नाम पर रखे जाने के बाद, पड़ोसी देश चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बताया है कि आप किस बारे में बात कर रहे मुझे इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे कहना चाहिये कि जंगनान (भारत का अरूणाचल प्रदेश, जिसे जिसे चीन जंगनान बुलाता है) का क्षेत्र चीनी क्षेत्र है और भारत के लिये चीनी क्षेत्र में अरूणाचल प्रदेश स्थापित करना अवैध और अमान्य है। आपको बता दें कि चीन ने 2017 से अरूणाचल प्रदेश में स्थानों का नाम बदलना शुरू कर दिया है ताकि अपने दावों को मजबूत किया जा सके।

Newsराजनीतिराज्य

नमामि गंगे प्रोजेक्ट में हुरावली -सिरोल मार्ग को शामिल करने की हो रही तैयारी

ग्वालियर. मुरार नदी के जीर्णोद्वार के दौरान बाधाओं को दूर करने के लिये राष्ट्रीय गंगा मिशन के महानिदेशक के साथ सर्वे और बैठक होगी। आयुक्त अमन वैष्णव एक पत्र भेजकर महानिदेशक को बुलाया है। जिससे इस प्रोजेक्ट में हुरावली -सिरोल मार्ग को शामिल कराया जा सके। यह मार्ग यदि इस प्रोजेक्ट से जुड़ जाता है। हुरावली -सिरोल थाना रोड़ पर बनी पुलिस के ऊपर सड़क पुल बन सकेगाग। पिछले दिनों तेज बहाव की वजह से पुलिया टूट गयी थी। जिस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत नमामि गंगे प्रोजेक्ट में मुरार नदी को शामिल किया गया है। इस परियोजना के तहत 22.19 करोड रूपये की लागत से काम हो रहा है। दूसरे चरण में क्या-क्या काम होगा। इस पर दोनो अधिकारियों में चर्चा होगी। पहले चरण का काम को और स्पीड देने पर चर्चा होगी।
हुरावली -सिरोल पर पुल का निर्माण
मुरार नदी में सीवर आउट फॉल की पहचान और समाधान, मुरार नदी में अतिक्रमणों की पहचान। दूसरे चरण के लिये बोली पर चर्चा। हुरावली सिरोल मार्ग पर 3.68 करोड के पुल का निर्माण प्रोजेक्ट की राषि से कराने पर चर्चा होगी।

Newsराजनीतिराज्य

ट्रैक्टर और बस के बीच जबरदस्त भिडंत, ट्रैक्टर का आगे हिस्सा ध्वस्त

ट्रेक्टर का आगे का हिस्सा पूरी तरह से खत्म

ग्वालियर. मुरैना के बागचीनी इलाके में छैरा गांव तथा क्रांतिकारी हनुमान मंदिर के बीच में एक बस और ट्रैक्टर की आमने-सामने से भिंडत हो गयी। इस एक्सीडेंट में ट्रैक्टर का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं, दूसरी ओर बस असंतुलित होकर खेत में जाकर खड़ी हो गयी। दुर्घटना में ट्रैक्टर ड्रायवर को हल्की चोट लगी है। पुलिस की माने तो घटना शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे की है।
आपको बता दें कि एक बस मुरैना से जौरा की ओर जा रही थी। वहीं, दूसरी ओर एक ट्रैक्टर ट्रॉली जोरा से मुरैना की ओर आ रही थी। बीच में नेशनल हाईवे क्रमांक 554 पर छैरा गांव और क्रांतिकारी हनुमान मंदिर के बीच में दोनों में आमने-सामने की टक्कर हो गयी। एक्सीडेंट में ट्रैक्टर  का आगे का पूरा हिस्सा अलग हो गया। वहीं, दूसरी ओर सब भी असंतुलित होकर बगल में खेत में जाकर खड़ी हो गयी।


हल्की चोट नहीं कोई घायल नहीं
पुलिस के अनुसार इस घटना में जनहानि नहीं हुई है। टैªक्टर चालक के मामूली चोट आयी है। टैªक्टर चालक अभी तक न तो मुरैना जिला अस्पताल पहुंचा है और न ही जौरा सामुदायिक स्वास्थ्तय केन्द्र।

Newsराजनीतिराज्य

एलिवेटेड के निर्माण में आ रही बाधायें दूर, निर्माण में आयेगी तेजी

ग्वालियर. लक्ष्मीबाई समाधि स्थल से ट्रिपल आईटीएम तक बनने वाले एलिवेटेड रोड के लिये अपनी जमीन का इस्तेमाल करने देने को रेलवे प्रबंधन राजी हो गया है। हालांकि, जिस जमीन पर रेलवे ने बड़ी मुश्किल से काम करने की अनुमति दी है। लक्ष्मीबाई समाधि स्थल से कुछ दूरी पर स्थित उस जमीन का इस्तेमाल किसी भी स्तर पर रेलवे के लिये नहीं बचा है। क्योंकि नैरोगकेज रेलवे टैªक पूरी तरह से बंद हो चुका है और इसके बाद भी रेलवे ने इस जमीन को प्रोजेक्टर के लिये सिर्फ लीज पर ही दिया है। 35 वर्षो के लिये लीज पर देने के लिये रेलवे ने लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग से 62 लाख रूपये का शुल्क मांगा है। जिसे जमा कराये जाने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, रेलवे से सहसमति मिलने के बाद एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट में आ रही बाधा दूर हो गयी है। अब यहां से काम तेजी पकड़े जाने की संभावना है।
लूप बनाने के लिये अतिक्रमण हटेगा
एलिवेटेड रोड के लिये कई जगह पर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। लेकिन इनमें से अधिकांश प्वाइंट पर जमीन अधिग्रहण में कई तरह की परेशानियां सामने आ रही है। सबसे बड़ी समस्या समाधिस्थल के पास आ रही। यहां जल संसाधन विभाग ने मुआवजा किया था। लेकिन इस जगह पर लोग अब भी मकान बनाकर रह रहे हैं। जिन्हें कब्जा खाली करने की चेतावनी दी जा चुकी है और हटाने की कार्यवाही की जायेगी।
एलिवेटेड के निर्माण में आ रही बाधा
नैरोगेज रेलवे लाइन के ऊपर से फ्लाईओवर गुजरना है। जिसके लिये रेलवे ने सहमति दे दी है। अब यहां काम शुरू होने के साथ ही प्रोजेक्टर भी तेजी से आगे बढ़ सकेगा । वहीं जमीन अधिग्रहण का लेकर संबंधित विभागों से चर्चा हो रही है।
जोगिन्दर यादव, ईई, सेतु संभाग

Newsराजनीतिराज्य

डबरा सिटी थाने का आईजी ने किया निरीक्षण में मिली पुलिस बल की कमी, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिये निर्देश

ग्वालियर. आईजी अरबिंद सक्सेना ने गुरूवार की शाम को ग्रामीण क्षेत्र के थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने डबरा सिटी थाना परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। आरक्षकों से बातचीत कर उनकी समस्यायें सुनी और समाधान भी पूछे। इस बीच उन्होंने सिटी थाने को पर्याप्त बल दिलाने की बात भी कही। इस अवसर पर थाने का समूचा स्टाफ सतर्क दिखाई दिया। आईजी ने सबसे पहले एचसीएएम कक्ष का निरीक्षण किया। जिसके बाद मालखाना देखा। सीसीटीवी कैमरे देखेंु। वहीं हवालात की हालत भी देखी । उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर आरक्षकों से चर्चा की और जाना की रात गश्त में आने वाली परेशानी और उसके समाधान पर बातचीत की।
आपको बता दें कि आज आईजी का दौरा प्रस्तावित था। इसके चलते सुबह से ही सिटी थाने में व्यवस्थायें चाक चौबंद बनाई गयी। दोपहर के वक्त आईजी सिटी थाने पहुंचे। जिनकी अगवानी एएसपी देहात निरंजन शर्मा, एसडीओपी विवेक शर्मा और थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने की।
सिटी थाने में पर्याप्त पुलिस बल न होने की समस्या पर उन्होंने अन्य थानों से व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने थाने के हर कार्य क्षेत्र से जुड़े रजिस्टरों का भी बारीकी से निरीक्षण किया और कमियां पाए जाने पर उन्हें बेहतर बनाने के निर्देश थाना प्रभारी को दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक राकेश सागर भी मौजूद रहे।
सीसीटीएनएस प्रणाली में सुधार के निर्देश
आईजी सक्सेना ने सीसीटीएनएस प्रणाली की समीक्षा करते हुए इसे और प्रभावी बनाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों की ट्रैकिंग और आपराधिक रिकॉर्ड को सही से अपडेट किया जाए, ताकि कोई भी जानकारी अपर्याप्त न रहे।

Newsराजनीतिराज्य

पुलिस ने खनन माफियाओं को दबोचा, पुलिस ने मायनिंग अधिकारियों के साथ की कार्यवाही

मुरैना. अवैध पत्थर का अवैध परिवजन करने वाले 4 ट्रैक्टरों  को जब्त किया है। इन ट्रैक्टरों को न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने मौजूद लगने वाली खण्डा पत्थर की मंडी से पकड़ा है। यह कार्यवाही गुरूवार की शाम को की गयी। इस कार्यवाही में प्रशासन, खनन तथा पुलिस विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद थे। इस कार्यवाही में आधा सैकड़ा से अधिक पुलिस के अधिकारी व जवान मौजूद रहें।

पकड़ा गया ट्रैक्टर
तय कार्यक्रम के मुताबिक मुरैना पुलिस के एएसपी डॉ. अरविंद ठाकुर के नेतृत्व में शहर की तीनों थानों का पुलिस बल जिसमें टीआई से लेकर आरक्षक तक शामिल थे। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम तथा मायनिंग विभाग की ओर से जिला मायनिंग अधिकारी एसके निर्मल मुख्य रूप से मौजूद थे। पहले सभी अधिकारी यातायात थाने में एकत्रित हुए। उसके बाद गाडि़यों में भकर सभी लोग न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के ठीक सामने पहुंचे। वहां पर जाकर उन्होंने वहां ट्रैक्टर दिन में खंडे भरे हुए थे। उनको पकड़ लिया। यह कार्यवाही इतनी तेजी से हुई कि पूरी कार्यवाही में कार्यवाही में वह मुश्किल 20 मिनट लगे। उसके बाद सभी टैªक्टरों को सिविल लाइन थाने ले जाया गया और जहां पर उनको जब्त कर लिया गया है।

Newsराजनीतिराज्य

निगम अमले ने की अवैध निर्माण हटाने की कार्यवाही

ग्वालियर इंदरगंज चौराहे के पास रिलायंस डिजिटल बिल्डिंग मालिक अल्पना जैन पत्नी अजय जैन, साधना जैन पत्नी वीरेंद्र कुमार जैन आदि के अवैध निर्माण पर कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान एसीपी महेंद्र अग्रवाल, भवन अधिकारी पवन शर्मा, वीरेंद्र शाक्य, राजीव सोनी, जेडएचओ विपिन दुबे, मदाखलत अधिकारी शैलेंद्र चौहान उपस्थित रहे।
शहर के प्रमुख मार्गों से यातायात में बाधक अतिक्रमण हटाया
ग्वालियर नगर निगम के मदाखलत अमले द्वारा सुगम यातायात एवं नागरिकों की सुविधा के लिए निरंतर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
मदाखलत अधिकारी शैलेन्द्र चौहान एवं डॉ. अनुज शर्मा ने बताया कि निगमायुक्त अमन वैष्णव के निर्देशानुसार शहर में सुगम यातायात हो इसके लिए प्रतिदिन यातायात में बाधक अतिक्रमण को हटाने की कार्यवाही की जा रही है। जिसके तहत फूलबाग चौराहा, गांधी पार्क के सामने ग्वालियर एवं फूलबाग चौपाटी के बाहर ग्वालियर पर फुटपाथ, सडक पर रखे टेबलों, कुर्सियां, तन्दूर, हाथ ठेलों एवं अन्य अस्थाई अतिक्रमण को दल द्वारा हटवाया गया एवं सामान इत्यादि जब्त किया गया। जब्त सामान को मदाखलत कार्यालय हुरावली रोड डी.बी. सिटी के सामने स्थित कार्यालय पर भिजवाया गया। इसके साथ ही गस्त का ताजिया राममंदिर चौराहा से ट्रेफिक में बादा आ रहे हाथ ठेले हटवाए गए व एक फल का हाथ ठेला जब्त किया गया। साथ ही महाराज बाड़े पर फट्टे वालांे का सामान जब्त किया और एक आइसक्रीम की साइकिल जब्त कर आदि सामान को मदाखलत कार्यालय भिजवाया गया।

Newsराजनीतिराज्य

केन्द्र सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दरें बढ़ाई

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने 1 अक्टूबर से निर्माण, खनन और कृषि जैसे अनोपचारिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिये न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोत्तरी का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह बढ़ोत्तरी महंगाई से निपटने में श्रमिकों की मदद करेगी। औद्योगिक श्रमिकोिं के लिये उपभोक्ता सूचकांक(सीपीआई) में 2.40 अंकों की बढ़ोत्तरी हुई है। संशोधन के बाद निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों के लिये न्यूनतम मजदूरी 783 रूपये प्रतिदिन 20 हजार 358 रूपये प्रतिमाह होगी। अर्द्ध कुशल श्रमिकों के लिये यह 868 रूपये प्रतिदिन 22 हजार 568 रूपये प्रतिमाह की गयी है। कुशल, लिपिक और बिना हथियार वाले चौकीदारों के लिये 954 रूपये प्रतिदिन के हिसाब से 24 हजार 804 रूपये प्रतिमाह होगी।
साल में दो बार होता है मजदूरी में संशोधन
केंद्र सरकार VDA को साल में दो बार संशोधित करती है। यह 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर से प्रभावी होता है। यह संशोधन औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में छह महीने की औसत वृद्धि पर आधारित होता है। क्षेत्र, श्रेणियों और क्षेत्र के अनुसार न्यूनतम मजदूरी दरों के बारे में विस्तृत जानकारी मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय), भारत सरकार की वेबसाइट (clc.gov.in) पर उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि यह समायोजन श्रमिकों को जीवन यापन की बढ़ती लागत से निपटने में मदद करने के उद्देश्य से है।
श्रमिकों ने किया था व‍िरोध प्रदर्शन
उच्च कुशल और हथियारों से लैस चौकीदारों के लिए यह 1,035 रुपये प्रतिदिन (26,910 रुपये प्रति माह) होगी। मजदूरी में यह संशोधन साल में दो बार किया जाता है। यह संशोधन औद्योगिक श्रमिकों के लिए CPI में छह महीने की औसत बढ़ोतरी पर आधारित होता है।इस हफ्ते की शुरुआत में हजारों श्रमिकों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने मजदूरी में वृद्धि और चार श्रम कानूनों को रद्द करने की मांग की थी। उनका कहना है कि ये कानून बहुराष्ट्रीय कंपनियों के पक्ष में हैं।

Newsराजनीतिराज्य

एमिटी विश्वविद्यालय में तालाबंदी, एनएसयूआई बोली-प्रबंधन पर हो हत्या का मामला दर्ज, शाम तक रहा हंगामा

ग्वालियर. शहर के महाराजपुरा क्षेत्र स्थित एमिटी यूनीवर्सिटी प्रबंधन की तानाशाही और मनमानी से हुई बी. फार्मेसी के छात्र आदित्य राजपूत की मौत का मामला गरमा गया है। इस घटना के बाद एमिटी में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं में प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश है। इसके चलते छात्र-छात्रायें सड़कों पर उतर आये है। उन्होंने कल बुधवार को एमिटी परिसर में दिनभर जमकर हंगामा किया। गुस्सायें छात्रों ने पैदल मार्च निकाला और नारेबाजी करते हुए छात्र की मौत के लिये जिम्मेदार पर सख्त कार्यवाही की मांग की ।आज सुबह फिर से छात्र-छात्रायें एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर एकत्रित हो गये। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए एमिटी के बाहर के गेटों पर तालाबंदी कर दी। इससे न तो कोई स्टाफ के लोग अन्दर जा सके और न ही छात्र। दोपहर 12 बजे तक एमिटी के मुख्यद्वार का ताला खोला गया। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए एमिटी के बाहर के गेटों पर तालाबंदी कर दी। इससे न तो कोई स्टॉफ के लोग अन्दर जा सके। उधर छात्र संगठन एनएसयूआई ने भी एमिटी विश्वविद्यालय प्रबंधन की हठधर्मिता से हुई छात्र की मौत को लेकर मोर्चा खोल दिया है। एमिटी में हो रहे प्रदर्शन में एनएसयूआई कार्यकर्त्ता भी छात्रों के साथ खड़े है।

हेड ऑफ इंस्टीट्यूट को जबरन अवकाश पर भेजा
गुरूवार की सुबह से ही आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर में ताला जड़ते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। जिसमें छात्रों की प्रमुख मांग है हेड ऑफ इंस्टीट्यूट डॉ. एस मोहानालक्ष्मी को यूनिवर्सिटी से हटाया जाये और मेडीकल लीव की नियम और शर्तो में बदलाव लाया जाये ।छात्रों का कहना है कि उन्होंने देशभर के आईआईटी, बीएचक्यू और मुंबई यूनिवर्सिटी की उपस्थिति और लीव नियमों की जानकारी निकाली है। ऐसा वहां भी नहीं होता है। लेकिन छात्रों पर दबाव बनाने के लिये एमिटी यूनिवर्सिटी का रवैया सालों से यही है।
यूनिवर्सिटी की तानाशाही से छात्रों में दहशत
एमिटी यूनिवर्सिटी की तानाशाही के चलते एक छात्र तो अपनी जान गंवा ही चुका है। बावजूद इसके यूनिवर्सिटी इसके समाधान के लियिे 1 माह का समय मांग रही हे। मृतक आदित्य की मौत के बावजूद भी बीमार छात्रों को कॉलेज बुलाया जाता है। ऐसा ही मामला 5वें सेमेस्टर के एक छात्र उदित नारायण के साथ हुआ। बीमार हालत में कॉलेज पहुंचा और वहीं बेहोश हो गया। जानकारी के मुताबिक छात्र का उपचार बीआईएमआर अस्पताल में जारी है।
एनएसयूआई बोली
एमिटी यूनिवर्सिटी में उपस्थिति के नाम पर छात्रों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है इसके विरोध में मुख्यद्वार ताला लगाया था और कल सारे छात्रों के मिलकर कलेक्टर और एसपी नाम से ज्ञापन देंगे साथ ही मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता है। फार्मेसी के बीमार छात्र आदित्य को मेडीकल लीव न देने से उसकी मौत के मामले में एमिटी प्रबंधन पर हत्या का मामला दर्ज कराने की हम मांग करते है।
ईशान चौहान, प्रदेश प्रवक्ता, एनएसयूआई

hacklink satın al grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet güncel grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet jojobet güncel matbet güncel holiganbet giriş matbet sahabet onwin bets10 bets10 giriş bets10 güncel giriş betcio atlasbet bets10 bets10 giriş kralbet deneme bonusu veren siteler casibom casibom bullbahis meritking meritking giriş betturkey safirbet safirbet safirbet giriş safirbet güncel giriş tarafbet betnano meritbet mariobet markajjbet queenbet betcio atlasbet tarafbet mariobet casibom casibom giriş casibom casibom giriş mariobet meritking meritking giriş Norabahis Norabahis giriş Norabahis holiganbet holiganbet giriş betasus batasus giriş perabet perabet giriş casibom holiganbet jojobet kalitebet kalitebet giris wbahis tambet betbey grandpashabet grandpashabet ibizabet betgit palacebet betsalvador mercurecasino