PM नरेन्द्र मोदी फिजी के राष्ट्रपति के साथ 25 अगस्त को ग्वालियर आयेंगे, तानसेन मकबरा देखने जा सकते हैं
ग्वालियर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 अगस्त को मध्यप्रदेश के दौरे पर आ रहे है। पीएम का मध्यप्रदेा अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण है। क्यों कि इस दिन फिजी के राष्ट्रपति नेकामा लालाबलावू ग्वालियर आयेंगे। फिजी के राष्ट्रपति और पीएम मोदी दोनों नेता लगभग 2 घंटे ग्वालियर में साथ रहेंगे। ग्वालियर किला और तानसेन का मकबरा देख सकते हैं। अभी तक संभावित कार्यक्रम के अनुसार फिजी के राष्ट्रपति नेकामा लालाबलावू और पीएम नरेन्द्र मोदी ग्वालियर में सुबह लगभग 11 बजे पहुचेंगे। रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों पर चर्चा संभावित है।
भारत और फिजी के बीच राजनीतिक और रणनीतिक महत्व हैं
फिजी दक्षिण प्रशांत इलाके का प्रमुख द्वीप है। जो हिन्द प्रशांत रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। भारत और फिजी दोनों क्वॉड सहयोगियों के साथ अच्छे संबंध रखते हैं। जिससे समुद्री सुरक्षा आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन पर काम हो सकता है।
पीएम मोदी ग्वालियर के बाद धार रवाना होंगे
संभावित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर के बाद 3 बजे ग्वालियर के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी धार के लिये रवाना होंगे। धार जिले बदनावर इलाके में बनने वाले देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करेंगे। पीएम मित्रा पाकर्म का निर्माण पूरा होने पर पूरे मालवा इलाके के विकास को नये पंख लगेंगे। धार जिले का यह क्षेत्र पीथमपुर की तरह अब दूसरा वृहद औद्योगिक केन्द्र (इंडस्ट्रियल हब) बनने जा रहा है। इस पार्क की स्थापना से पूरे मालवा इलाके के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और लगभग 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं परीक्ष रूप से स्थाई रोजगार मिलेगा।
फिजी में 37% भारतीय मूल की आबादी
फिजी में भारतीय मूल की आबादी (विशेषकर गिरमिटिया मजदूरों के वंशज) लगभग 37% हैं। फिजी में हिंदी और भोजपुरी जैसी भाषाएं, भारतीय त्योहार, भोजन और संस्कृति वहां प्रचलित हैं।कृषि, आईटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, नवीकरणीय ऊर्जा में भारत के पास सहयोग की क्षमता है। फिजी को पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में भारत के निवेश से फायदा हो सकता है। UN, कॉमनवेल्थ, G77 जैसे मंचों पर दोनों देश विकासशील देशों के मुद्दों पर मिलकर काम कर सकते हैं। जलवायु परिवर्तन और समुद्र-स्तर वृद्धि के मुद्दों पर फिजी की आवाज को भारत समर्थन देता है।

