बीच पंचायत में हुई फायरिंग से मची भगदड़, मुरैना में थाने पहुंचकर कार्यवाही करने की मांग
मुरैना. कैलारस थाना इलाके वीरमपुरा गांव में शनिवार को ब्राम्हण और धाकड़ के बीच पुराने विवाद को सुलझाने के लिये गांव के मंदिर परिसर में पंचायत आयोजित की गयी। लेकिन पंचायत उस समय दहशत में सबब बन गयी। जब ब्राह्मण पक्ष के लोग मुरैना से 4 पहिया वाहन में हथियार लेकर पहुंचे। अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गयी। फायरिंग होते ही वहां मौजूद पंचों और ग्रामीणों में भगदड़ मच गयी। लोग जान बचाकर इधर-उधर भागते हुए दिखाई दिये। फायरिंग करने वालों ने जाते-जाते यह धमकी भी दी कि वह जल्द ही धाकड़ पक्ष के लोगों को मार देंगे।
क्या है मामला
पंचायत की सूचना मिलते ही रामकुमार शर्मा को यह बात नागवार गुज़री और उसने इसे अपनी ‘बदनामी’ मान लिया। इसके बाद रामकुमार ने मुरैना से अपने रिश्तेदारों को बुलाया, जो शनिवार को पंचायत के दौरान मौके पर पहुंचे और वहां अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गांव के मंदिर में चल रही पंचायत में गोलीबारी से भगदड़ मच गई और पंचों समेत ग्रामीण जान बचाकर छुपने लगे।घटना के बाद कैलारस थाना पुलिस हरकत में आ गई है। गांव में स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है। वहीं, फायरिंग करने वालों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की बात कही जा रही है। इधर रतिराम धाकड़, सरपंच वीरमपुरा ने बताया, गांव में ब्राह्मण और धाकड़ पक्ष के बीच लेन-देन को लेकर विवाद था। उसे सुलझाने पंचायत बुलाई गई थी। लेकिन पंचायत के दौरान गोलीबारी हुई। धाकड़ पक्ष ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उमेश मिश्रा, एसडीओपी कैलारस ने बताया, फायरिंग की शिकायत मिली है। मौके पर पुलिस टीम भेजी गई है। जांच की जा रही है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पुराना लेन-देन बना विवाद की वजह
वीरमपुरा निवासी महेन्द्र धाकड़ का टेंट का व्यवसाय हैं जुलाई में गांव के ही ब्राहम्ण समाज के रामकुमार शर्मा ने एक पारिवारिक कार्यक्रम में उनके टेंट का इस्तेमाल किया गया था। कार्यक्रम के बाद टेंट का सामान तो लौटा दिया गया। लेकिन कुछ भुगतान बाकी रह गया। महेन्द्र धाकड़ के बार-बार मांगने पर रामकुमार ने पैसे देने से मना कर दिया। इस विवाद को सुलझाने के लिये महेन्द्र ने गांव के बुजुर्गो की मौजूदगी में पंचायत बुलाई गयी थी।

