ग्वालियर में पुलिस की जांच मिले 94 संदेही बांग्लादेशी, एमपी 386 जो बंगाल, बिहार, असम के एड्रेस निवास कर रहे थे
ग्वालियर. कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गयी है। इसी दौरान केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने राज्य सरकारों को बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने और उन पर कार्यवाही के निर्देश दिये है। इस निर्देश के बाद एमपी पुलिस और इंटेलीजेंस ने अभियान चलाया है। जांच में राज्य के 6 शहरों ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, इन्दौर, कटनी और शाजापुर में 386 संदेहास्पद लोग पाये गये है। जो बंगला, बिहार और असम से आकर यहां रहने लगे हैं।
दस्तावेजों की जांच कर रही है पुलिस
इन लोगों ने स्वयं को भारतीय नागरिक बताने के लिये दस्तावेज दिखाये हैं। लेकिन पुलिस को शक है कि इनमें से कुछ दस्तावेज फर्जी हो सकते हैं। अब पुलिस की 6 टीमों बंगाल, बिहार और असम के 27 अलग-अलग शहरोंमें भेजी गयी है। जहां इन लोगों ने अपने पते बताये हैं। टीमें वहां जाकर दस्तावेजों की सच्चाई की जांच कर रही है। अगर किसी ने दस्तावेज फर्जी पाये गये तो उन पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। आवश्यकता पड़ी तो उन्हें गिरफ्तार कर देश के बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी।
कहां कितने संदेही मिले
ग्वालियर – 94 संदेही: वनकुरा – 01, मिदनापुर पूर्व – 01, मिदनापुर पश्चिम – 30, हुगली – 62
इंदौर – 99 संदेही:कोलकाता – 04, हावड़ा – 12, परगना उत्तर – 50, परगना दक्षिण – 33
भोपाल – 83 संदेही:वर्धमान पूर्व – 12, वर्धमान पश्चिम – 5, मुर्शिदाबाद – 34, नदिया – 32
जबलपुर – 56 संदेही:मालदा – 35, दिनाजपुर उत्तर – 08, दिनाजपुर दक्षिण – 01, कूचबिहार – 01, बरपेटा – 11
कटनी – 19 संदेही:जहानाबाद – 01, वैशाली – 01, नालंदा – 01, मुजफ्फरपुर – 11, सीवान – 01, समस्तीपुर – 01, चंपारण – 03
शाजापुर – 35 संदेही:किशनगंज – 03, पूर्णिया – 31, मुंगेर – 01
इस मामले में सीएसपी रोबिन जैन ने ग्वालियर की स्थिति को लेकर बताया कि कुछ दिन पूर्व से यह जांच चल रही है कि ग्वालियर में बंगाल, बिहार व असम के लोग रह रहे हैं। उन्हें चिन्हित कर उनके दस्तावेज जांचे गए हैं। अब इन लोगों ने जो दस्तावेज दिए हैं, उनकी जांच के लिए टीमें संबंधित शहरों में भेजी गई हैं। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती, तब तक आगे कुछ कहना संभव नहीं है।
सबसे ज़्यादा लोग मुस्लिम समुदाय से
जिन संदेही लोगों की पहचान हुई है, उनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से हैं। ये लोग कुछ साल पहले मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों में आकर बस गए थे। अब इनकी पूरी सूची बन चुकी है, और जांच चल रही है।

