CRPF का पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय स्थाई भवन राष्ट्र को समर्पित

ग्वालियर, नयागांव,जीसी, सीआरपीएफ पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 की 5वीं वर्षगांठ के अवसर पर केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली के भारत मंडपम, से वर्चुअल मोड में शिलालेख का अनावरण कर नयागांव सीआरपीएफ, पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय को राष्ट्र को समर्पित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईजीपी, सीआरपीएफ, नयागांव एवं अध्यक्ष, वीएमसी राजकुमार निगम, विद्यालय प्राचार्य डॉ. ब्रजेश पाण्डेय, यश गुप्ता, अधीक्षक अभियंता सीपीडब्ल्युडी, राजेशकुमार गर्ग, अधिशासी अभियंता सीपीडब्ल्युडी एवं अन्य गणमान्य अथितियों की गरिमामय उपस्थिति रही। यह समारोह विद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, जहाँ शिक्षा के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नयागांव सीआरपीएफ, डीआईजीपी एवं अध्यक्ष, वीएमसी राजकुमार निगम ने मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया। विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
प्राचार्य डॉ. ब्रजेश पाण्डेय ने समस्त गणमान्य अथितियों का हरित स्वागत किया व श्रीफल और शॉल भेंट की। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजस्थानी कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति ने समां बांध दिया। विद्यार्थियों द्वारा योग की विभिन्न मुद्राओं का मनोहारी प्रदर्शन किया गया।
इसके उपरांत मुख्य अतिथि ने अपने वक्तव्य में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उसके महत्व एवं इसकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया आज यह संगठन दूर-दराज एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी आधुनिक और गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज संपूर्ण देश में अधिकाधिक केंद्रीय विद्यालयों की आवश्यकता है जिससे कि बच्चों का समग्र विकास हो सके। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद एवं बधाई देते हुए शिक्षकों एवं अभिभावकों को भी शुभकामनायें प्रकट कीं। इस अवसर पर गणमान्य अथितियों के अतिरिक्त अभिभावक और स्थानीय निवासी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अचल सिंह मीना, स्नातकोत्तर शिक्षक, हिंदी और श्रीमती अंजू प्राथमिक शिक्षिका ने किया। विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक केशव दास, स्नातकोत्तर शिक्षक, गणित ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अंत में कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।

