BJP अध्यक्ष की रेस में शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली. बीजेपी और आरएसएस बीते कुछ महीनों से बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने के लिए माथापच्ची कर रहे है। लिस्ट तैयार है बस किसी एक नाम पर सहमति बनाने और अनाउंसमेंट की देर है। माना जा रहा है कि 10 से 20 मार्च के बीच अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा।
नया अध्यक्ष चुनने के लिए दो तरह के डिस्कशन चल रेह है
पहला, किसी ऐसे लीडर को अध्यक्ष बनाने का है जो संगठन चलाने में माहिर हो, आरएसएस बैकग्राउंड का हो और चुनावी रणनीति में खुद को साबित कर चुका हो। ऐसा इसलिए क्योंकि आगे पंजाब, पश्चिम बंगाल, बिहार और यूपी जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है। वहीं दूसरा डिस्कशन चल रहा है कि नया अध्यक्ष साउथ इंडिया से हो। बीते 20 साल से कोई दक्षिण भारतीय नेता बीजेपी का अध्यक्ष नहीं बना है। दक्षिण अब भी बीजेपी के लिए अभेद है जिसे अगले लोकसभा चुनाव में भेदने की तैयारी है। अगले तीन साल में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे बडे राज्यों में चुनाव होने है। साउथ इंडिया के लीडर को अध्यक्ष बनाने से यहां बीजेपी को मदद मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान RSS की पहली पसंद
शिवराज सिंह चौहान 6 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। चार बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री रहते हुए लाडली बहना योजना शुरू की, जो विधानसभा चुनाव में गेमचेंजर साबित हुई। ये योजना दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बन गई। विपक्षी पार्टियों भी इसे कॉपी कर रही हैं। शिवराज 13 साल की उम्र में RSS से जुड़ गए थे। इमरजेंसी के दौरान जेल भी गए। OBC कैटेगरी से हैं। 2005 में मध्य प्रदेश BJP के अध्यक्ष रहे हैं। सीनियर जर्नलिस्ट प्रदीप सिंह कहते हैं कि अगर RSS की चली, तो शिवराज BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं। उनके नाम पर मोदी-शाह के पास कोई नेगेटिव पॉइंट नहीं है। हालांकि, दोनों की लिस्ट में शिवराज का नाम धर्मेंद्र प्रधान के बाद दूसरे नंबर पर है। RSS की लिस्ट में शिवराज सबसे ऊपर हैं।

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