पुरानी पेंशन और 8वेंतन आयोग पर होगी चर्चा में पीएम लेंगे भाग, विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ले सकती बड़ा फैसला
नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी को 10 सालों के बाद केन्द्रीय कर्मचारियों के 8वें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन (OPS) की याद आयी है। पुरानी पेंशन को लेकर आज बड़ा फैसला हो कसता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज राष्ट्रीय परिषद के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने वाले है। ऐसे माना जा रहा है कि कुछ कुछ राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार पुरानी पेंशन जैसे अन्य मुद्दों पर कोई अहम फैसला ले सकती है। जिससे पहले यह बैठक बुलाई गयी है। लम्बे समय से कर्मचारियों की मांग रही है कि पुरानी पेंशन को बहाल किया जाये।
शनिवार को पीएम मोदी स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद के पदाधिकारियों से मिलेंगे। इस संबंध में भारत सरकार के उपसचिव प्रवीण जारयर ने परिषद के सचिव शिवगोपाल मिश्रा को पत्र लिखा है कि बैठक में परिषद के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहें। जिससे कि उनसे जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सके। भाजपा के सत्ता में आने बाद पीएम की कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ इस तरह यह पहली बैठक होगी।
सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण को लेकर भी कर्मचारी यूनियन विरोध जताती आ रही है। रेलवे सहित तमाम सरकारी विभागों में पद खाली पड़े हैं। जिन्हें भरने को लेकर भी कर्मचारी यूनियनों की लम्बे समय से मांग रही है। ऐसे में सीधे PM के साथ होने जा रही बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। 7 लोक कल्याण मार्ग पर होने वाली इस बैठक में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की अनुमान है। इसमें पुरानी पेंशन को लेकर भी अहम फैसला हो सकता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के आम बजट को पेश करते हुए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भी पेंशन में सुधार की बात कही थी।
विदेश यात्रा से लौटते ही काम पर लौटे पीएम
पीएम मोदी आज यूक्रेन और पोलेंड की यात्रा से वापिस लौट रहे है। स्वदेश लौटते ही वह इस बैठक में शामिल होंगे। पिछले 10 वर्ष में यह पहली बैठक है। जिसमें पीएम और केन्द्रीय कर्मचारियों की नेशनल काउंसिल यानी ज्वाइंस कंसल्टेटिव मशीनरी के सदस्य शामिल होंगे। बैठक में ओल्ड और न्यू पेंशनल स्कीम के साथ ही 8वें वेतन आयोग पर भी चचा्र हो सकती है। हालांकि ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलॉयज फेडरेशन ने बैठक का बहिष्कार किया है। संगठन के महासचिव सी श्रीकुमार ने बताया है कि बैठक में ओपीएस बहाली नहीं, बल्कि एनपीएस में सुधार को लेकर चर्चा होगी।

