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वाहन वसूली गैंग चढ़ी पुलिस के हत्थे, किश्त न भरने वाले वाहन चालकों से फायनेंस कंपनी के कर्मचारी बनकर वसूलते थे रूपये

ग्वालियर. फायनेंस व्हीकल की समय पर किश्त जमा न करने वाले वाहन चालकों से फायनेंस कम्पनी के कर्मचारी बनकर वसूली करने वाली गैंग के सदस्य हस्तिनापुर पुलिस की पकड़ में आये है। दोनो की पहचान सनी परिहार और अंकित रावत के रूप में हुई है। दोनों ही बेहद शातिर है। पकड़े जाने के बाद उन्होंने खुलासा किया है कि इस तरह कई गैंग ग्वालियर में वसूली कर रहे है। जिनकी फायनेंस वाहन की किश्त जमा नहीं होती है उनकी डिटेल निकालकर यह गैंग टारगेट सेट करती थी।
क्या है मामला
वसूली गैंग के दोनों सदस्यों ने ओमप्रकाश नाम के व्यक्ति को रास्ते में रोका था। ओमप्रकाश अपनी मोटर साइकल से बाजार के लिए निकले थे। दोनों शातिर ओमप्रकाश से बोले-तुम्हारी मोटर साइकल की दो किस्त जमा नहीं हुई हैं। इसलिए तुम्हें ग्वालियर शहर चलना होगा। किस्त न भरने पर मोटर साइकल जब्त होगी। फिर दोनों ने मामला सेटल करने के लिए 2 हजार रुपए मांगे। शक होने पर ओमप्रकाश थाने पहुंचा और थाना प्रभारी राजकुमार राजावत को पूरी कहानी बताई। पुलिस ने देर किए बिना दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वह अक्सर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी बनकर इसी तरह से लोगों से वसूली करते रहे हैं। दोनों ने खुलासा किया पूरे ग्वालियर में ऐसी गैंग सक्रिय हैं, जो वाहन फाइनेंस कराने वाले लोगों से इस तरह वसूली कर रही हैं। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
वाहनों की डिटेल कहां से मिलती थी
सनी और अंकित को किश्त न भरने वाले वाहन चालकों की जानकारी कहां से मिलती थी। यह सवाल पुलिस को भी परेशान कर रहा था। अब पुलिस को वह लिंक तलाश रही है, जहां जानकारी ऐसी गैंग के पास आ रही है। दोनों के इस बयान से पुलिस और सतर्क हो गयी है कि ऐसी गैंग पूरे शहर में है, यह पूरा गिरोह कहां से ऑपरेट हो रहा है। इसका पता लगाया जा रहा है। इस बात की पूरी संभावना है कि कोई बड़ा गिरोह पुलिस के हाथ आ सकता है।
पुलिस का कहना
इस मामले में एसडीओपी बेहट संतोष पटेल ने बताया कि दो आराेपी पकड़े हैं जो फाइनेंस कर्मचारी बनकर वसूली करते हैं। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है।

 

 

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