मोदी सरकार संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लाने जा रही
नई दिल्ली. वक्फ बोर्ड को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि मोदी सरकार संसद में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लाने जा रही है। इसके जरिए वक्फ की जमीनों पर मालिकाना हक में बदलाव किया जाएगा। साथ ही वक्फ बोर्ड में महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। इस बीच, यूपी के गाजीपुर में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा, वक्फ बोर्ड संशोधन बिल जरूरी है। वक्फ बोर्ड अपने नियमों के अनुसार कार्य करता है। सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है, इसलिए सरकार अपनी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए यह विधेयक ला रही है। समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव सिर्फ मुस्लिम वोट बैंक को गुमराह करने और खुश करने के लिए इसका विरोध कर रहे हैं। वहीं, सरकारी की ओर से बिल पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बयानबाजी तेज है। सोमवार को दिन अहम है, क्योंकि संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है और कहा जा रहा है कि सरकार आज यह बिल पेश कर सकती है।
भाजपा ने बताया- बदलाव क्यों जरूरी
केंद्र सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम में संशोधन की अटकलों के बीच भाजपा ने रविवार को अपना रुख साफ किया। पार्टी ने कहा कि वक्फ की संपत्तियों में कई अनियमितताएं हैं, जिन्हें सरकार दूर करना चाहती है। वरिष्ठ भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के मुताबिक, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वक्फ संपत्तियों की अनियमितताओं को दूर किया जाए और लोगों को उनका उचित हिस्सा देना होगा।
विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने सरकार से इस बारे में दखल देने की अपील की है। कई शिकायतें मिली हैं कि वक्फ ने संपत्ति पर कब्जा कर लिया है और दूसरे पक्ष को उचित मुआवजा भी नहीं दिया है। – दिनेश शर्मा, भाजपा नेता और यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम

