ग्वालियर- शहर की रफ़ी साहेब की आवाज और रफ़ी साहेब के गीतों को लगातार 12 घंटे गाकर “वर्ल्ड रिकॉर्ड” बनाने वाले संजय धूपर ने आज ग्वालियर स्मार्ट सिटी व् नगर निगम के सहयोग से ग्वालियर के ह्रदयस्थल महाराज बाड़े के टाउन हाल का बाहरी प्रांगढ़ में रफ़ी साहेब की 44वी पुण्यतिथि की पूर्व संध्या में अपार जनसमूह के बीच रफ़ी साहेब के 25 से ज्यादा एकल व् युगल गीतों की प्रस्तुति दे कर , रफ़ी साहेब की जादुई आवाज का एहसास दिला दियाA
युगल गीतों में हमेश की तरह उनकी पत्नी वैशाली ने भरपूर साथ दिया, इस अवसर पर आकर्षण का केंद्र रही ग्वालियर की 2 नयी युवा गायिकाएं कुमारी चारु भार्गव व् कुमारी दिव्यानि श्रीवास्तव, जिनको संजय धूपर ने ही इन 2 युवा प्रतिभाओ को उचित प्रशिछण दे कर रंग मंच में स्थान दियाA
ज्ञात रहे संजय धूपर ग्वालियर के कई ऐतहासिक स्थलों में संगीत के कार्यक्रम करते रहते है, मध्यप्रदेश पुलिस “हज़रात कोतवाली” के टीआई रमेश सिंह अपनी टीम के साथ मंच में आये और संजय धूपर के साथ उनकी पत्नी वैशाली, चारु और दिव्यानि का सम्मान कर हम सबका उत्साह बढ़ाया है।
परफॉर्म किये गए गीत
1-राधिके तूने बांसुरी चुराई, 2- बाबुल की दुआए लेती जा, 3- अकेले है चले आओ, 4- कभी न कभी कोई न कोई आएगा, 5- दोनों ने किया था प्यार मगर, 6- तेरा इश्क़ का मुझपे, 7- मेरे देशप्रमियो आपस में प्रेम करो, 8- मुझे दुनिया वालो शारबी न समझो
9- मुझे कितना प्यार है तुमसे (वैशाली), 10- चुरा लिया है तुमने जो दिल को (वैशाली), 11- तेरे इश्क़ का मुझपे (वैशाली), 12- गुलाबी आँखे जो तेरी, 13- छुप गए सारे नज़ारे (दिव्यानि), 14- डफली वाले डफली बजा (दिव्यानि), 15- झिलमिल सितारों का (दिव्यानि), 16- आया रे खिलोने वाला, 17- ये दुनिया ये महफ़िल मेरे काम की नहीं, 18- दिल के झरोखो में तुझको, 19- ढल गया दिन हो गयी शाम (चारु), 20- क्या हुआ तेरा / जिस दिन से तुमको देखा (चारु), 21- बिसेन चाचा कुछ गाओ (चारु), 22- दिन ढल जाय, 23- पर्दा है परदा, 24- कितना प्यारा वादा है (वैशाली), 25- आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे (वैशाली/चारु/दिव्यानि)