कूनो नेशनल पार्क में चीता ट्रैकिंग बंद प्रबंधन-ट्रैकरों में विवाद, छोड़ा काम
ग्वालियर. देश में चीतों की धरती कूनों नेशनल पार्क में चीतों की ट्रैकिंग का ही काम बंद हो गया है। यह हैरतभरा है लेकिन कूनों में उपजे नए विवाद के चलते ऐसा हुआ है। पिछले 4 दिनों से कूनों में बडे बाडे में चीतों की ट्रैकिंग ट्रैकरों की ओर से बंद कर दी गई है। चीतों की ट्रैकिंग से लेकर फीडिंग का पूरा काम संभालने वाले 60 से ज्यादा इन ट्रैकरों से लेबर कार्य जैसे चीतों को दिए जाने वाले मांसाहारी भोजन को काटने आदि का काम अचानक दे दिया गया जिससे सभी नाराज हो गए। पहले ऐसा नहीं होता था। प्रबंधन ने खर्च को बचाने के लिए ऐसा किया।
इस पर सभी ट्रैकरों ने अपना काम बंद कर दिया। यह आउटसोर्स किया गया स्टाफ है जिसके बाद अब कूनों के बडे बाडे में चीतों की देखरेख पर प्रभाव पड रहा है। वर्तमान में एक नर चीता पवन को छोडकर सभी व्यस्क चीते व शावक बडे बाडा में ही है। इस मामले में वरिष्ठ अफसर खुद के अनभिज्ञ बता रहे है। ट्रैकर इसलिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका में है कि चीतों से लेकर शावकों की पूरी गतिविधियों पर यही निगरानी रखते है। इसलिए ट्रैकरों ने बंद किया काम अभी तक बडे बाडे में चीतों के लिए फीडिंग यानी भोजन बाहर से ही आता था जिसें मांस को काटने की जरूरत नहीं होती थी। बताया गया कि कूनो प्रबंधन ने खर्च को बचाने के लिए यह काम चीतों पर निगरानी रखने वाले निजी कर्मचारियों को दिया तो वे विरोध में आ गए। उनका कहना है कि यह मांस को काटने का काम उनका नहीं है जबरिया यह कराया जा रहा है, इसी कारण इन्होंने काम छोड दिया।
हमारे यहां चौकीदार हैं, जो निजी श्रमिक हैं, ऐसी कोई लिखित शिकायत अभी प्राप्त नहीं हुई है। हम इसका पता करेंगे।
थिराकुल आर, डीएफओ कूनो, श्योपुर

