मर्यादामय जीवन जीने की कला श्रीराम कथा- राघव ऋषि
ग्वालियर. श्रीविष्णु महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस स्थानीय सनातन धर्म मंदिर प्रांगण में ऋषि सेवा समिति ग्वालियर के तत्वाधान में दिव्य रसपान करा रहे, पूज्य श्री राघव ऋषि जी ने कहा कि हम सभी के प्रत्यक्ष देवों में एक भगवान सूर्य है जो नित्य एकसमता से सम्पूर्ण चराचर को अपनी दिव्य कांति से प्रकाशमान करते है, सूर्यवंश में जितने भी राजा हुए महान ज्ञानी, प्रतापी, कर्तव्यनिष्ठ, भक्तिपरायण, देव, गुरू, ब्राहृमण में पूर्ण श्रृद्धा व विश्वास रखने वाले जिनमें इक्ष्वांकु, मान्धाता, सगर, अज, रघु, दशरथ आदि जिनकी यश कीर्ति आज भी अमर है। इनके वंश ही सूर्यवंश से चला।
कथा क्रम को बढ़ाते हुए पूज्य श्री ने श्री राम जन्म का चरित्र चित्रण सजीव बताते हुए कहा राजा दशरथ चौथापन अग्रसर हुआ, किन्तु अभी उन्हें संतति की प्राप्ति नही हुई, कमा्र का परिणाम ही हर एक को अवश्य ही समय की गति के साथ भोगना होता है। जब तक समय अनुकूल न हो तब तक कुछ भी सम्भव नही हो सकता हैं एकमात्र गुरू या स्वयं परमात्मा ही किसी कार्य को अनायास ही पूर्ण कर देते है। राजा दशरथ गुरूदेव की सन्निधि में अपने सुख-दुख का वर्णन किया। गुरूदेव तो सब जानने वाले, गुरूदेव ने अपने शिष्य का कल्याण करने का निश्चय कर पुत्रेष्टि यज्ञ का संतति का उद्यम किया, अब वह शुभ अवसर जब स्वयं परमब्रहृा परमात्मा अंश सहित राजा दशरथ के यहॉ कौशल्या सहित अन्य रानियॉ गर्भवती हुई, दिशायें, ग्रह-नक्षत्र सभी अनुकूल हुए, देव, गुरू, ब्राहृाण, गौ व पाप का समूल विनाश एवं धर्म की रक्षा के लिये भगवान मानव रूप में जन्म लेते है आज अयोध्या आनंद मग्न राजा दशरथ अत्यंत उत्साहित जो भी हाथ में आया सब कुछ न्यौछावर किया, सभी नगरवासी झूमते-नाचते गाते कौशल्या जी से पुत्र जन्म की बधाई देने पहुॅचे, ‘‘लाला जनम सुनि आई मैया दे दो बधाई‘‘ मोहक भजन सौरभ जी ने सुनाया, भक्तों को झूमने पर विवश किया।
समिति के समस्त पदाधिकारी श्री नारायणस्वरूप शर्मा, महेश अग्रवाल, अम्बरीष गुप्ता, गोपीशरण अग्रवाल, भरोसीलाल झा, उमेश उप्पल, संतोष अग्रवाल, यशवीर शर्मा, मनीष बंसल, मनोज अग्रवाल, रामसिंह तोमर, हरीओम मिश्रा, देवेन्द्र तिवारी, संजय शर्मा, गिरीश शर्मा, चन्द्रमोहन मिश्रा, चन्द्रप्रकाश शुक्ला, बद्रीप्रसाद गुप्ता, हेमन्त चौरसिया, जगमोहन सिंह विशेन, प्रवीण त्रिपाठी, पंकज श्रीवास्तव, ललितमोहन माहेश्वरी, विमलेश अग्रवाल, मुकेश गुप्ता व अन्य भक्त श्रृद्धालु भगवान की आरती में सम्मिलित हुए।

