JU में आखिरी माह में जीवाजी विश्वविद्यालय समेत सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसर्स का पूरा जोर इस समय वर्कशॉप
ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय समेत सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसर्स का पूरा जोर इस समय वर्कशॉप, सेमिनार आयोजित करने पर है। मौजूदा वित्तीय वर्ष की एंडिंग चल रही है। आखिरी माह बीतने में कुछ ही दिन शेष बचे है। ऐसे में 31 मार्च तक प्रोफेसर अपने विभाग का वर्कशॉप व सेमीनार का बजट ठिकाने लगाने में जुट गए है। इसके तहत नेशनल लेबल के वर्कशॉप व सेमिनार, व्याख्यान कराए रहे हैं। जेयू में आलम यह है कि अलग विभागों में एक के बाद एक कार्यक्रमों की झडी लगी है। यहां तक एक साथ दो विभागों में कार्यक्रम हो रहे है जिनमें भीड़ भी नहीं जुट पा रही। गिने चुने लोग ही भागीदारी करने पहुंच रहे है।
सबसे ज्यादा खर्च खाने पर
सूत्रों के अनुसार वर्कशॉप् और सेमिनार में सबसे ज्यादा पसा भोजन पार खर्च किया जाता है। आलम यह है कि जितने रजिस्ट्रेशन नहीं होते उससे कहीं ज्यादा लोगों को खाना खिलाए जाने के बिल लगाए जाते है। वर्कशॉप व सेमीनार आयोजित करने वाले प्रोफेसर कार्यक्रम के लंच और डिनर में आने करीबी औश्र परिचित ऐसे लोगों को भी बुलाते है जिनका संबंधित विषयों के सेमीनार व वर्कशॉप से कोई लेना देना नहीं होता। बताया गया है कि इसके बाद भी भोजन करने वालों की वास्तविक संख्या से अधिक के फर्जी बिल लगाकर जेबें भरी जा रही है।

