करणी सेना के आमरण अनशन को अरबिंद भदौरिया ने जूस पिलाकर कराया खत्म, संकटमोचक की भूमि में रहे गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा
भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पिछले 4 दिनों चल रहा करणी सेना परिवार का आन्दोलन बुधवार को प्रदेश के मंत्री नरोत्तम मिश्रा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। करणी सेना परिवार के ज्ञापन में शामिल 22 मांगों में 18 मागों पर विचार के लिये 3 अधिकारियों की कमेटी बनाई गयी है। इस कमेटी में सामान्य प्रशासन विभाग के एसीएस को अध्यक्ष बनाया गया है। यह कमेटी 2 माह में इन 18 मांगों पर अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी के गठन का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
फिर संकटमोचन बने नरोत्तम मिश्रा
आपको बता दें कि करणी सेना द्वारा 21 सूत्रीय मांगों को जारी आमरण अनशन समाप्त हो गया। सहकारिता मंत्री अरबिंद भदोरिया ने जूस पिला कर आमरण अनशन समाप्त कराया। लेकिन इसके पीछे शिवराज सरकार के लिये परेशानी का सबब बन रहे इस आन्दोलन को खत्म करने में पर्दे के पीछे अहम भूमिका गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की रहीं। मंगलवार की देर रात तक उन्होंने करणी सेना के लोगों से चर्चा की थी। बुधवार की दोपहर भी उनकी 2 दौर की चर्चा हुई। अंत में बीच का रास्ता निकाल गाया। इसलिये आमरण अनशन खत्म होने के बाद करणी सेना के पदाधिकारी गृहमंत्री नरोत्तम का आभार प्रकट करने उनके निवास पर पहुंचे, डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी उनका मुंह मीठा कराकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस मौके पर करणी सेना के शैलेन्द्रसिंह झाला, गिरिराजसिंह सिसोदिया, कृष्णा बुन्देला, यादवेन्द्रसिंह तोमर, लवी तोमर, विकास सिंह और आशीष तोमर आदि प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे हैं।

22 में से इन 4 मांगों पर नहीं हुई कोई बात
मांग 01- आरक्षण का आधार आर्थिक किया जाए ताकि समाज के हर वर्ग के गरीबों को आरक्षण का लाभ मिल सके। एक बार आरक्षण मिलने पर दोबारा आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाए।
मांग 02- SC, ST एक्ट में बिना जाँच के गिरफ्तारी पर रोक लगे। ताकि कोई भी निर्दोष व्यक्ति बिना अपराध के सजा न काटे। मांग 03- SC, ST एक्ट की तर्ज पर सामान्य-पिछड़ा एक्ट बने जो सामान्य-पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा करे व कानूनी सहायता प्रदान करे।
मांग 04- खाद्यान्न (रोजमर्रा की चीजें) को GST से मुक्त किया जाए तथा बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाई जाए।
सरकार कमेटी बनाने को तैयार-गृहमंत्री
इससे पहले इस आंदोलन को लेकर बुधवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा था, प्रदर्शनकारी हमारे अपने हैं। कोई गैर नहीं। हम भाइयों में आपस में कोई बैर नहीं। उनसे चर्चा करेंगे, आग्रह करेंगे, निवेदन करेंगे। मेरा मानना है कि हमारे स्वजन हैं, मान जाएंगे। 8 जनवरी को 5 लोग भूख हड़ताल पर बैठे थे। मंगलवार को दो लोग और बढ़ जाने से संख्या 7 हो गई थी । इनमें एक स्टूडेंट मानवेंद्र सेंगर (22) है। ओरछा (जिला निवाड़ी) के रहने वाले मानवेंद्र बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से एलएलबी कर रहे हैं। पिता का ट्रांसपोर्ट का काम है। दूसरे हैं रतलाम के रानायरा के रहने वाले विनोद सुनार्थी (30)। दोनों 300 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर भोपाल आए हैं।

