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भोपाल के जंबूरी मैदान पर जुटे करणी सेना के हजारों लोग, महाआंदोलन, आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग

भोपाल. आर्थिक आधार पर आरक्षण समेत 21 सूत्रीय मांगों को लेकर लेकर भोपाल के जंबूरी मैदान पर करणी सेना परिवार का महा आंदोलन जारी है। इन मांगों को लेकर संगठन प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर अनशन पर बैठ गए हैं। उन्होंने मांगें नहीं मानने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी, हालांकि बाद में प्रशासन के अधिकारियों ने उनसे बातचीत का समय मांगा, जिसके बाद फिलहाल प्रस्तावित विधानसभा घेराव टाल दिया गया है। इधर विधानसभा घेराव की चेतावनी के बाद वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जीवन सिंह शेरपुर ने कहा है कि भूख हड़ताल पर सिर्फ 5 लोग बैठेंगे। उन्होंने मंच से कहा कि जिसे जाना हो वो खुशी से जा सकता है, लेकिन कहीं भी तोड़फोड़ और उद्दंडता नहीं होनी चाहिए। उन्होंने किसी भी तरह की हिंसा नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आंदोलन लगातार जारी रहेगा। जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि हमने मांगें पूरी करने के लिए 4 बजे तक का समय दिया था। इस पर सरकार ने हमसे समय मांगा है। हमने उन्हें समय दिया है। इसके साथ ही हम अपना अनशन शुरू कर रहे हैं। हम यहीं बैठेंगे। तब तक मैदान नहीं छोड़ेंगे, जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी।

कार्यकर्ता ‘माई के लाल’ और ‘जय भवानी’ के नारे लगाए नजर आए
बता दें कि रविवार को एमपी की राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में हो रहे इस प्रदर्शन में मध्यप्रदेश के अलावा हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से भी करणी सेना के कार्यकर्ता पहुंचे हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता ‘माई के लाल’ और ‘जय भवानी’ के नारे लगाए नजर आए। प्रदर्शन के लिए शनिवार रात से ही लोग जंबूरी मैदान पर जुटना शुरू हो गए थे। सुबह होते होते पूरा मैदान करणी सेना के कार्यकर्ताओं से भर गया। इधर पुलिस ने जंबूरी मैदान की ओर जाने वाले रास्तों का ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। भारी भीड़ से कई जगहों पर जाम की स्थिति बनी।

मांगें नहीं मानीं तो उतरेंगे राजनीति में
करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि हमारी मांगें नहीं मानी तो हम राजनीति में उतरने से भी परहेज नहीं करेंगे। सवर्णों, पिछड़ा वर्ग का साथ भी हमें मिल रहा है। हम व्यवस्था में सुधार के लिए यह आंदोलन कर रहे हैं। इससे पूर्व शनिवार को करणी सेना के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रदीप राजपूत ने बताया कि इस आंदोलन के पहले अचानक क्षत्रिय समागम का आयोजन कर सर्व समाज की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। आंदोलन में कई समाजों के लोग शामिल हो रहे हैं। हमारे आंदोलन को दबाने के लिए जंबूरी मैदान के आसपास शेड की चादरें लगाई गईं। लोग भोजन का प्रबंध करके आए हैं। वहीं करणी सेना परिवार के योगेंद्र सिंह ने कहा कि आंदोलन को रोकने के लिए सरकार ने तमाम प्रयास किए। आयोजन की अनुमति बड़ी मुश्किल से मिली। कई जिलों में बसों के परमिट नहीं दिए गए, इसलिए जिला स्तर पर भी आंदोलन करना पड़ रहा है।

राशन, सिगड़ी, टेंट लेकर पहुंचे लोग
जंबूरी मैदान में करणी सेना को कार्यक्रम के लिए एक दिन की अनुमति दी गई है, लेकिन यहां पहुंचे ज्यादातर लोग दो से चार दिन का राशन लेकर आए हैं। इनके पास गैस सिलेंडर से लेकर सिगड़ी तक है। ट्रकों में जलाऊ लकड़ी है, जिसका उपयोग इन्होंने रात को अलाव जलाने में किया था। कुछ लोगों ने अपने-अपने टेंट लगाएं हैं। पुलिस ने भी इलाके के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

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