कॉलेज संचालक लापता, नगर निगम कर्मचारी को हिरासत में लिया, बोला हत्या कर नदी में फेंका शव
ग्वालियर. एक लापता कॉलेज संचालक के मामले में पुलिस ने नगर निगम कर्मचारी हिरासत में लिया है। नगर निगम कर्मचारी ने किसी विवाद पर उसकी हत्या की कहानी सुनाते हुए शव नदी में फेंकने की बात कही है, लेकिन कहां फेंका यह नहीं समझा पा रहा है। पुलिस संदेही के इस बयान के बाद हरकत में आ गई है। जब तक शव नहीं मिल जाता तब तक पुलिस कुछ भी कहने से बचती हुई नजर आ रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं है, इसलिए कुछ नहीं कहा जा सकता है।
पूछताछ में ग्वालियर के आसपास नदी में फेंकने की बात कही
ग्वालियर के सिटी सेंटर सत्यम रेजीडेंसी निवासी लापता प्रखर सिंह परमार उर्फ पप्पू के बारे में पता लगा है कि वह किसी कॉलेज का संचालक है। दो दिन से वह लापता है और उसकी कार नगर निगम कार्यालय के पास खड़ी है। जब परिजन को यह पता लगा तो वह विश्वविद्यालय थाना पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। साथ ही नगर निगम कर्मचारी करन पर संदेह जताया। क्योंकि उसके बुलाने पर वह घर से निकला था। इसके बाद पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो पता लगा कि मामले में नगर निगम कर्मचारी करन वर्मा की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस ने मंगलवार रात नगर निगम कर्मचारी को हिरासत में लिया। जब उससे पूछताछ की गई तो वह पप्पू की हत्या कर उसे ग्वालियर के आसपास किसी नदी में फेंकने की बात कह रहा है। यह बात सुनते ही पुलिस के अफसरों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जब पुलिस ने पूछा कौनसी नदी में फेंका तो कहता है कि याद नहीं आ रहा। उसने अपने कुछ साथियों के भी नाम बताए हैं। हालांकि अभी तक पुलिस को शव नहीं मिला है। हत्या की कहानी केअलावा पुलिस के हाथ ऐसा कोई सबूत नहीं है जिस पर माना जाए कि पप्पू की हत्या हो गई है। पुलिस अधिकारी अपने स्तर पर छानबीन कर रहे हैं।
पुलिस का कहना
इस मामले में एएसपी क्राइम राजेश दंडौतिया का कहना है कि अभी बहुत अस्पष्ट स्थिति है। संदेही नगर निगम का कर्मचारी हत्या करने की बात कह रहा है, लेकिन शव कहां फेंका नहीं बता पा रहा। जांच की जा रही है।

