किचिन में जली ब्रेड से मन में आइडिया आया, तभी से फायरआर्ट से पेंटिंग बना रहा हूं-अजीत कुमार
ग्वालियर. आज तक आपने किसी को आग से पेंटिंग बनाते देखा है कि तो आप कहेंगे कि नहीं, लेकिन यह सच है जयपुर आर्ट समिट एवं जीवाजी विश्वविद्यालय के के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 3 दिवसीय कला संस्कृति एवं विरासत के ग्वालियर संस्करण में जयपुर के फायरआर्ट कलाकार अजीत कुमार ने यह कर दिखाया है। इन्होंने फायर आर्ट (अग्निकला) के द्वारा देखते ही देखते बोर्ड पर शेर की पेंटिंग बनाकर दिखाई।
दस वर्षो से बना रहा हूं फायर आर्ट पेंटिंग
जयपुर निवासी अजीत कुमार ने बताया कि मेरे दिमाग में यह आयडिया किचिन में ब्रेड सेंकते समय आया जली हुई ब्रेड से कलाकृति बनाई जा सकती है इस मैंने वर्षो अभ्यास किया तब मैं यह कला सीख पाया हूं, फिर मैंने ब्रेड को पीस कर लकड़ी के बोर्ड पर चिपकाया फिर मैंने गेस लाइटर से पेंटिंग बनाई लेकिन वह थोड़े दिन तक ठीक रहती है फिर वह खराब हो जाती है। तो मैंने इसका तरीका निकाला । मैंने बनी पेंटिंग पर वॉर्निश कर दिया तो लाइफ टाइम के लिये सुरक्षित हो जाती है।
इसके बाद मुझे पेंटिंग बनाने में बारीक काम करने में परेशानी आने लगी तो मुझे मेरे बड़े भाई ने यूएस ब्यूटेन गैस लाइटर लाकर दिया तो मेरी यह परेशानी भी खत्म हो गयी।
बुरादे से बनाई पेंटिंग
ब्रेड से बनाते -बनाते फिर मैंने सोचा कि दूसरे तरीके से पेंटिंग बनाई जाये तो फिर मैंने बुरादे को लेकर लकड़ी के बोर्ड पर चिपकाया और पेंटिंग बनाई तो मैं इसमें कामयाब हो गया है। तब से यह सिलसिला चला आ रहा है और मैंने इसके बाद हजारों पेंटिंग बनाई है।

