ग्वालियर में मादा शेर ने दिया 3 शावकों को जन्म, सैलानियों को देखने 30 दिन करना होगा इंतजार
ग्वालियर. ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान “जू’ में बब्बर शेरनी परी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। शावक स्वस्थ है और बच्चों को लेकर मादा शेरनी बहुत अक्रामक है। जब उनके फोटो निकालने के लिए मोबाइल की फ्लैश लाइट ऑन की गई तो शेरनी फोटोग्राफर पर हमला करने तैयार हो गई। उसकी दहाड़ इशारा कर रही थी “नो फोटो प्लीज’। यही कारण है कि सात दिन बाद पता लगेगा कि इनमे से कितने नर और मादा हैं। साथ ही इनकी अठखेलियों को देखने के लिए सैलानियों को करीब 25 से 30 दिन का समय लगेगा पर ग्वालियर चिड़ियाघर में नन्हे मेहमानों की खुशी में महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, सभापति मनोज तोमर, कमिश्नर किशोर कान्याल ने वहां घूमने आने वाले बच्चों को टॉफी बांटी हैं। डॉक्टर लगातार बच्चों की सेहद पर नजर रखे हुए हैं।
छत्तीसगढ़ से लाए गए थे बब्बर शेर जय और परी
शहर के गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में बब्बर शेर (लॉयन) मादा परी द्वारा 30-31 अक्टूबर की मध्य रात्री मंे 3 शावकों को जन्म दिया गया है। मादा परी एवं नर जय के द्वारा दूसरी बार शावकों को जन्म दिया गया है। गांधी प्राणी उद्यान में वर्ष 2012 में नंदनवन जू रायपुर से लॉयन नर (जय) और मादा शेर “परी’ को कानन पेंडारी जू विलासपुर से ग्वालियर चिड़ियाघर लाया गया था। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार, सभापति मनोज सिंह तोमर, MIC सदस्य सुनीता अरुण कुशवाह अबधेश कौरव, विधायक प्रतिनिधि कृष्णराव दीक्षित एवं अपर आयुक्त अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने चिडियाघर पंहुचकर लॉयन एवं शावकों के स्वास्थ्य की जानकारी ली एवं चिडियाघर में घूम रहे सैलानियों व बच्चों को टॉफी वितरित की।

