पकड़ा गया मिठाई कारखाना की गयी FIR, सड़ा नारियल की गरी दिल्ली से लाते थे और पिस्ता भी नकली

बरफी तैयारभिण्ड. एक के खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम में एक मिस ब्रांड की मिठाई का कारखाना पकड़ा गया है। अधिकारियों ने काजू कतली, सफद बर्फी, लाल बर्फी और काली बर्फी बनाता देखा तो चौक गये। यह मिठाई में सड़े खाद्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा थाि। मिठाई के अंदर नारियल का बुरादा डालने के लिये दिल्ली से सड़े नारियल मंगाये जातो थे। वहीं, बर्फी पर पिस्ता डालने के लिये मंूगफली में कलर करके पिस्ता तैयार किया जाता था। यह मिठाई ग्रामीण क्षेत्र में बेची जा रही थीं। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने सड़ा गली सामग्री को नष्ट कराया औद 2 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।

मूंगफली से तैयार पिस्ता।

क्या है पूरा मामला

भिंड पुलिस और खाद्य एवं सुरक्षा विभाग के अफसरों ने कुरथरा गांव के नजदीक खेतों के बीच एक मकान पर छापा मारा। इस मकान में जब पुलिस और फूड सेफ्टी अफसर पहुंचे तो देखकर चौंक गए। उन्होंने देखा कि मकान के अंदर एक बाड़ा कारखाना संचालित हो रहा है। जिसमें जगह-जगह बरफी बनाने वाली सामग्री सड़ रहीहै।यहां मौजूद कर्मचारियों से पता चला तो उन्हाेंनें बतायाकि ये मकान अखिलेश बघेल का है।अखिलेश बघेल व उसके मित्र यूपी के रहने वाले अमित बघेल द्वारा यहां ये कारखाना संचालित किया जा रहा था। ये बिना किसी परमीशन के काजू कतली, बरफी, लाल बरफी और काली बरफी तैयार करते थे। जिसे वे बाजार में महंगे दामों में बेचते थे। ये कारखान पिछले एक साल से इसी तरह से संचालित हो रहा था। यहां फूड सेफ्टी अफसरों को सड़ी गरी भी मिली। जिसे नष्ट कराया।पूछताछ पर पता चला किये बरफी को स्वादिष्ट बनाने के लिए सड़ी गली गरी मिलाते थे। इसे को वे सस्ते दामों में दिल्ली से लेकर आते थे। इसी तरह से बरफी को महंगा दिखाने के लिए मूंगफली के दानों को कलरफुल करते थे।जिसे पिस्ता का रूप देते थे।

सड़ी नारियल की गरी।

बिना मावा के ऐसे बनाई जाती है बर्फी
यहां तैयार होने वाली बर्फी में मावा का उपयोग नहीं किया जाता था। वह आलू व अन्य सामग्री से नकली मावा तैयार करते थे। इसे ही बर्फी तैयार करके बेचते थे। यहां छापामार दल के सदस्यों को एक बोरी में 25 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर मिला। सोयाबीन का तेल, गरी, मूंगफली के दाने सहित अन्य मिला। जिसमें फफंूदी लगी थी। जिससे बदबू आ रही थी। वहीं 40 डिब्बे प्लेन बर्फी, लाल बर्फी 12 किलो, मिल्क के 120 किलो इसके अलावा 300 किलो मिक्स मिठाईयां मिली। इन सभी को फूड सेफ्टी अधिकारियों ने नष्ट कराकर 2 लोगों पर एफाआईआर दर्ज करवाई है।
इस पूरे मामले में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल ने बताया है कि बिना परमिशन के मिस ब्रांड की मिठाईयां तैयार कराने का कारखाना मिला। यहां मिठाई तैयार करने की तारीख, एक्सपायरी डेट, मिठाई तैयार करने के विधि व सामग्री का उल्लेख पैकिंग पर नहीं किया जा रहा था। कारखाना संचालक अखिलेश बघेल व अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गयी है। उनके पर कारखाना संचालक का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था।

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