Indian Attack Helicopte-स्वदेशी हेलिकॉप्टर बनेंगे चीन के लिये चुनौती, जानिये एलसीएच की खासियत

नई दिल्ली. चीन हो या पाकिस्तान…..दोनों की हालत होने वाली है खराब। भारतीय वायुसेना और सेना दोनों ही अपने सबसे खतरनाक अटैक हेलिकॉप्टर को सीमाओं पर तैनात करने जा रही है। यह है लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) आइये जानते हैं कि इस शानदार स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर की ताकत, रेंज और खासियत।

घातक हमलावर हेलीकॉप्टर (Attack Helicopter)क्यों चाहिये? दरअसल में जहां फायटर जेट (Fighter Jet) सटीक हमला नहीं कर सकते है। वहां इन हेलिकॉप्टरों की मदद ली जाती है। फायटर जेट से कम गति में अधिक सटीक और घातक हमला करने सक्षम यह होते हैं। हेलिकाप्टर, क्योंकि फायटर जेट अधिक गति में उड़ते है। उनका उपयोग अलग होता है। अटैल हेलिकाप्टर सर्जीकल स्ट्राइक(Surgical Strike) जैसे हमले करने में अधिक फायदेमंद होते हैं।

भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) वायुसेना दिवस से पहले 3 अक्टूबर का राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर(Light Combat Helicopter – LCH) का स्क्वॉड्रन तैनात करने जा रहा है। यानी पूरी की पूरी पश्चिमी सीमा और सुरक्षित हो जायेगी। सीमा उस पार से किसी भी तरह की नापाक हरकत हुई तो यह हेलीकॉप्टर निगरानी के साथ के तुरंत करारा मुंहतोड़ जवाब देगा । यह हेलीकॉप्टर नहीं, आसमान में उड़ती हुई मौत है।

LCH की जरूरत तब पड़ी थी। जब कारगिल युद्ध हो रहा था। तब लगा कि भारतीय सेना के पास एक ऐसा हेलीकॉप्टर होना चाहिये। जो अधिक ऊंचाई वाले इलाके में हमला कर सके। दुश्मन की धज्जियां उड़ा सके। लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर इसी काम के लिये बनाया गया। इस वर्ष पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्स वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने 15 एलसीएस खरीदने के लिये 3,887 करोड़ रूपयों की अनुमति दी थी। जिसमें से 377 करोड़ रूपये इस ववष्र मार्च में जारी कियेगये थे। 15 हेलिकॉप्टरों में से 10 वायुसेना और 5 भारतीयसेना का मिलेंगे।

कौन से हथियार लग सकते हैं इस हेलिकॉप्टर में
लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (Light Combat Helicopter – LCH) की चोंच यानी कॉकपिट के ठीक आगे नीचे की तरफ 20 मिलिमीटर की एक तोप लगी है. इसके अलावा इसमें चार हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी चार एक जैसे या अलग-अलग प्रकार के हथियार लगाए जा सकते हैं. जैसे – चार 12 FZ275 लेजर गाइडेड रॉकेट्स या हवा से हवा में मार करने वाली चार Mistral मिसाइलें, या चार ध्रुवास्त्र (Dhruvastra) एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें. या चार क्लस्टर बम, अनगाइडेड बम, ग्रेनेड लॉन्चर लगाया जा सकता है. या फिर इन सबका मिश्रम सेट किया जा सकता है.
एचएएल 150 LCH बनाकर दे सकता है
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का कहना है कि अगर जरुरत पड़ती है तो वह 150 लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (Light Combat Helicopter – LCH) बनाकर दे सकता है. हर साल दस हेलिकॉप्टर की दर से. इंडियन आर्मी एक जून 2022 को बेंगलुरु में इसका पहला स्क्वॉड्रन तैनात कर चुकी है. इसे अगले साल चीन के पास लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के पास तैनात कर दिया जाएगा. सेना और 95 हेलिकॉप्टर खरीदना चाहती है. इन हेलिकॉप्टरों को 7 यूनिटों में अलग-अलग पहाड़ी इलाकों में तैनात किया जाएगा. अब तक 9 हेलिकॉप्टर बने हैं.
LCH के आने से क्या बदलाव होगा
लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (Light Combat Helicopter – LCH) के जोधपुर पर तैनात होने के बाद सोवियत संघ के समय के Mi-25 के स्क्वॉड्रन को खत्म किया जा सकता है. Mi-35 हेलिकॉप्टरों का फिर से मेंटेनेंस और आधुनिकीकरण किया जा रहा है. इनका एक स्क्वॉड्रन तो खत्म कर दिया गया है. ताकि उनकी लाइफ बढ़ सके. आमतौर पर एक स्क्वॉड्रन में 17 से 20 हेलिकॉप्टर होते हैं. यानी जहां भी ये हेलिकॉप्टर तैनात होंगे वहां पर दुश्मन हमला करने से पहले कई बार सोचेगा.

