जीवाजी विश्वविद्यालय बनेगा योग वन क्षेत्र, वाटर हार्वेस्टिंग होगी जिससे जल स्तर बढ़ेगा- कुलपति अविनाश तिवारी
ग्वालियर. कोरोनाकाल में जूझ रहे छात्र-छात्राओं को बेहतर इम्यूनिटी के लिहाज से जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी ने सार्थक पहल करते हुए अपने इंजीनियरों के साथ जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में एक जगह तय की है। जिसमें योग वन क्षेत्र विकसित किया जायेगा। इसके लिये इंजीनियर राजेश नायक का योग वन क्षेत्र के लिये डीपीआर बनाने के दिशा निर्देश दिये।
कैसा होगा योग वन क्षेत्र
जीवाजी विश्वविद्यालय के सामने अनुपयोगी जगह में सुन्दर योग वन क्षेत्र का निर्माण किया जायेगा। जिसमें सुबह -शाम छात्र-छात्रायें योग कर अपने स्वस्थ्य एवं अपनी इम्युनिटी बढ़ायेंगे। इसमें पेड़ के चारों चबूतरों का निर्माण होगा। जिसमें इन चबूतरों पर बैठक सहज तरीके से योग कर पाये। योग विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार चबूतरों को बनाया जायेगा।
अनुपयोगी जल को बचायेंगे
बनने वाले योग वन क्षेत्र में वर्षा का जल और अनुपयोगी जल को बचाने की तैयारी की जा रही जिसमें वाटर हार्वेस्टिंग तैयारी की जिससे विश्वविद्यालय के आसपास जल स्तर बढ़ें।
बेहतर वाहनों की पार्किंग हो
निरीक्षण के बीच कुलपति प्रो. अविनाश तिवारी ने निर्देश दिये है वाहनों को पार्किंग में रखा जाये इसमें मेरी गाड़ी ही क्यों न हो। प्रशासनिक भवन तक किसी का वाहन न आये। विशेषतौर पर आने वाले आगुन्तकों को वाहनों पार्किंग पार्क करने के लिये कहा जाये।

