मनुष्योचित गुणधर्मों के अनुसार कर्म करने से मोक्ष की प्राप्ति निश्चित- सच्चिदानंद नाथ ढोलीबुवा महाराज

ग्वालियर संतश्री 1008 सद्गुरु महिपति नाथ ढोलीबुवा महाराज की पुण्यतिथि की त्रिदिवसीय प्रवचनमाला के अंतर्गत सच्चिदानंद नाथ ढोलीबुवा महाराज द्वारा मनुष्योचित चतुः पुरूषार्थों पर प्रकाश डाला गया।धर्म अर्थ काम मोक्ष के महत्व को बताते हुए ‘मोक्ष मूलं गुरुकृपा’ इन वचनों से गुरु के महत्व एवं मानव के जीवनोत्थान का मार्ग गुरुकृपा से ही संभव है ।

ऐसा बताया। शनिवार की सुबह 11 बजे से मठ परिसर मे महाराज के पुण्यतिथि महोत्सव पर उनका समाधि चरित्र वर्णन कीर्तन मे किया जायेगा एवं मठ परिसर में पालखी निकाली जायेगी। कार्यक्रम का संचालन अंशुमान सेंगर ने किया ।

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