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ग्वालियर में DRDE के वैज्ञानिक नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित

ग्वालियर. कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की दस्तक हो गई है। दो दिन पहले DRDE के वरिष्ठ वैज्ञानिक चंडीगढ़ से लौटकर आए हैं। उनको सर्दी, खांसी व जुकाम था। जिस पर उन्होंने सैंपलिंग कराई थी। कोविड रिपोर्ट में पॉजिटिव आने के बाद वैज्ञानिक के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग जांच DRDE की लैब में की गई थी। जिसमें उनको ओमिक्रॉन वैरिएंट वायरस होने की पुष्टि हुई है। इस तरह DRDE की वायरोलॉजिकल लैब ने ओमिक्रॉन की दस्तक करा दी है। अब यह तो स्पष्ट हो गया है कि ग्वालियर में ओमिक्रॉन वैरिएंट है, लेकिन जीनोम सिक्वेंसिंग रिपोर्ट दिल्ली से न आ पाने के कारण पता नहीं चल पा रहा है। ग्वालियर में कोरोना का कौनसा वायरस अभी लोगों को संक्रमित कर रहा है इसका पता लगाने के लिए DRDE ने पत्र लिखकर GRMC (गजराराजा मेडिकल कॉलेज) से संक्रमित मरीजों के सैंपल मांगे हैं। इसके लिए गजराराजा मेडिकल कॉलेज ने मध्य प्रदेश शासन से इजाजत मांगने की बात कही है।

मंगलवार को ग्वालियर में कोरोना ब्लास्ट हुआ है। नए संक्रमितों का आंकड़ा 555 पर पहुंच गया है। इनमें से 502 संक्रमित ग्वालियर के हैं, 21 ऐसे संक्रमित है जो पड़ोसी शहरों के हैं पर उनका सैंपल यहां हुआ था। 32 संक्रमित रिपीट वाले हैं। यही आंकड़ा चौकाने वाला है। 68 संक्रमित ठीक होकर डिस्चार्ज भी हुए हैं। मंगलवार को कोविड संक्रमित आने वालों में एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर, उनकी पत्नी, GRP थाना के TI, एनाटॉमी विभाग के जेएएच के डॉक्टर दंपति, करीब 10 पुलिस जवान, 11 स्मार्ट सिटी के कर्मचारी सहित एक दर्जन सीनियर और जूनियर डॉक्टर संक्रमित निकले हैं। स्मार्ट सिटी में एक दिन पहले ही अफसरों, नेताआंे की बैठक हुई थी। यहां एक साथ इतने कर्मचारी निकलने के बाद दहशत का माहौल है। ज्यादातर संक्रमितों को खांसी, जुकाम व बुखार के लक्षण सामने आए हैं। इसलिए यदि आपके घर के आस पास किसी को सर्दी, खांसी जुकाम है तो सावधान रहने की जरुरत है।

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