लाठीचार्ज छात्रों पर-जीवाजी विश्वविद्यालय का घेराव कर रहे NSUI छात्रों पर पानी की बौछार के साथ-साथ लाठीचार्ज

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय में शिक्षा बचाओ देश बचाओं को लेकर धारा 52 लगाने की मांग को लेकर गोविंदपुरी प्रदर्शन कर रहे से जुलूस के रूप में NSUI के प्रदेशाध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी और ग्वालियर चम्बल के प्रभारी आशुतोष चौकसे की अगुआई में छात्रों जीवाजी विश्वविद्यालय का घेराव करने जा रहे छात्रों पर पहले पानी की बौछार की गयी उसके बाद NSUI कार्यकर्त्ता पर लाठीचार्ज किया गया तो NSUI कार्यकर्त्ता ने पथराव किया तो पुलिस की एक गाड़ी एमपी03ए 4448 के कांच फूट गये। पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में प्रदेशाध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष चोटिल हो गये। पुलिस कर्मियों दौड़ा-दौड़ाकर छात्रों पर लाठीचार्ज किया।

छात्र नेता और पुलिस आमने-सामने आ गए
NSUI के छात्र नेता और पुलिस आमने-सामने आ गए। NSUI जीवाजी यूनिवर्सिटी का घेराव करने पहुंची थी। छात्र नेताओं की मांग थी कि भ्रष्टाचार, अनियमितता, अव्यवस्थाआंे के चलते JU में धारा -52 लगाई जाए। पर विश्वविद्यालय के गेट पर ही छात्र नेताओं को बैरीकेड्स अड़ाकर पुलिस ने रोक लिया गया। इस तरह रोकने से नाराज छात्रों ने बैरीकेड्स को लांघकर जाने का प्रयास किया। पहले से तैयार पुलिस जवानों ने डंडे मारकर खदेड़ने का प्रयास किया। पर छात्र मानने को तैयार नहीं थे। इस पर पुलिस ने वॉटर कैनन से पानी की बौछार कर दी।इसके बाद छात्रों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पथराव में ASP राजेश दंडौतिया, सहित 4 पुलिस कर्मियों को पत्थर लगे हें। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर छात्रों की भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस ने हंगामा कर रहे 25 NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर विश्वविद्यालय थाने में पहुंचा दिया है।

पुलिस का रोकते ही फैला आक्रोश, पथराव
जीवाजी यूनिवर्सिटी के गेट पर जैसे ही पुलिस ने NSUI छात्रों को रोका तो विरोध शुरू हुआ। छात्र नेताओं से पहले पुलिस का मुंहबाद शुरू हुआ। इसके बाद वहां छात्रों से पुलिस की धक्का मुक्की हुई। NSUI के कार्यकर्ताओं ने जब बैरीकेड्स के ऊपर से चढ़कर अंदर जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने दंगों में उपयोग होने वाली वॉटर कैनन का उपयोग कर छात्राें पर काबू पाया। पर इसके बाद वहां पथराव शुरू हो गया। इस दौरान एक पत्थर वहां मौजूद ASP राजेश दंडौतिया को लगना बताया जा रहा है। साथ ही दो सब इंस्पेक्टर भी पत्थर लगने से घायल हुए हैं। इसके बाद तो पुलिस ने बिना देर किए हल्का बल प्रयोग कर कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया। वहां से पुलिस ने उनहें गिरफ्तार कर थाना भेज दिया है।

पुलिस का दावा – 25 छात्रों ने दी गिरफ्तारी
पुलिस ने लाठीचार्ज के बाद पुलिस की बस पर छात्रों को नीचे उतारा इस बीच एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी और प्रदेश उपाध्यक्ष शिवराजसिंह यादव ने अपने साथियों के साथ गिरफ्तारी दी पुलिस ने सिरोल थाने लेकर पहुंची जहां पर इन पर कार्यवाही की गयी। 25 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया जा रहा है। कोविड संक्रमण के बीच बिना अनुमति के प्रदर्शन कर लोगों की जान को खतरे में डालने पर मामला दर्ज किया जा रहा है।

एनएसयूआई छात्रों पर की गयी एफआईआर दर्ज
छात्रों के प्रदर्शन को पुलिस की ओर से लीड कर रहे एएसपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि एनएसयूआई छात्रों के प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शासकीय संपत्ति से तोड़फोड़ की गयी है इस पर एनएसयूआई के नेताओं पर कार्यवाही की जा रही है।

पुलिस हम गलत तरीके से लाठीचार्ज की
ग्वालियर-चंबल प्रभारी आशुतोष चौकसे, प्रदेशाध्यक्ष शिवराजसिंह यादव ने बताया हम तो विश्ववविद्यालय में धारा 52 लागू करने की मांग को लेकर विश्वविद्यालय का घेराव करने जा रहे थे विश्वविद्यालय के कुलपति मुखिया है उनके रहते हुए छात्रों के भविष्य सुरक्षित नहीं है। छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जायेगा। पुलिस लाठीचार्ज में हमारे प्रदेशाध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी, ग्वालियर चंबल प्रभारी आशुतोष और उपाध्यक्ष शिवराजसिंह यादव आदि चोटें आयी है।

भाजपा की तानाशाही चल रही है: कांग्रेस
मामले में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा ने आरोप लगाया है छात्र शांतिपूर्वक पूर्व घोषित प्रदर्शन करने आए थे। पर छात्रों पर वॉटर कैनन से हमला करना और लाठियां मारना बताता है कि भाजपा की तानाशाही चल रही है। छात्रों के जायज प्रदर्शन को कुचल दिया गया।

