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मप्र व महाराष्ट्र में 13 जगह सीबीआई की रेड, भोपाल में एफसीआई के रिश्वतकांड में एक साथ की कार्रवाई

भोपाल. एफसीआई के बाबू और अफसरों द्वारा घूसखोरी के मामले में सीबीआई ने मंगलवार को मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के 13 जगह पर छापा मारा। मध्य प्रदेश में जबलपुर व नरसिंहपुर समेत भोपाल, विदिशा, खंडवा, झाबुआ में एक साथ कार्रवाई की। जबलपुर व नरसिंहपुर में चार ट्रांसपोर्टरों के यहां छापे मारे गए। सीबीआई सूत्रों के अनुसार हर्ष इनायका के खाते में इन ट्रांसपोर्टरों द्वारा पैसों का भुगतान किया गया है।
एफसीआई रिश्वत मामले में सीबीआई भोपाल से एक इंस्पेक्टर जबलपुर पहुंचे थे। स्थानीय सीबीआई की टीम के साथ बल्देवबाग स्थित बालाजी, नर्मदा, तिरूपति और नरसिंहपुर स्थित नरेंद्र राजपूत ट्रेवल्स नाम के ट्रांसपोर्टरों के यहां टीम पहुंची थी। यहां से टीम ने उनके बैंक डिटेल्स और एफसीआई के डिविजनल मैनेजर के खाते में रकम जमा करने के संबंध में पूछता की है। जबलपुर सीबीआई एसपी पीके पांडे ने बताया कि भोपाल से आए इंस्पेक्टर ने सर्चिंग में मदद के लिए टीम मांगी थी। कार्रवाई भोपाल सीबीआई की है। जांच की जद में आने वाले सभी लोग ठेके पर काम करने वाले कॉन्ट्रेक्टर और कुछ परिवहन से जुड़े लोग हैं।
सीबीआई की इन जिलों में भी रेड
सीबीआई ने इसके अलावा भोपाल, विदिशा, खंडवा, झाबुआ और महाराष्ट्र के नांदेड़ व जलगांव में भी छापामार कार्रवाई की है। पिछले दिनों भारतीय खाद्य निगम के चार अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई के दौरान सीबीआई के हाथ एक डायरी भी लगी थी इसके अलावा सीबीआई को एफसीआई में हुए कुछ ठेकों में लेनदेन के बैंक डिटेल्स मिले थे इसी के बाद सीबीआई ने इन 13 जिलों में इन ठेकेदारों और परिवहन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों के यहां सर्चिंग की कार्रवाई की है।
10 जून तक सीबीआई ने आरोपी को रिमांड पर लिया
सीबीआई ने असिस्टेंट ग्रेड वन किशोर मीणा को 10 जून तक की रिमांड पर लिया है। सीबीआई ने पिछले दिनों गुरूग्राम स्थित सुरक्षा एजेंसी कैप्टन कपूर एंड संस की शिकायत पर एफसीआई के डिविजनल मैनेजर हर्ष इनायका, अकाउंट मैनेजर अरूण श्रीवास्तव, सिक्युरिटी मैनेजर मोहन पराते और क्लर्क किशोर मीणा को गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों द्वारा सुरक्षा एजेंसी के बिल पास कराने के एवज में हर माह 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी, इसके बाद ये लोग एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए थे। चारों के बैंक डिटेल्स की छानबीन में 2 दिसंबर 2012 से 29 मई 2021 तक कुल 2 करोड़ 93 लाख 3 हजार 396 रुपए की लेन-देन की जानकारी सामने आई है।

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