MP में जंगल में तालाब में घोला जहर, 14 वन्य प्राणियों की मौत
कटनी. जिले में वन्य प्राणियों की लगातार संख्या बढ रही है, वन्य प्राणियों से जहां आमजन को खतरा है तो वहीं वन्य प्राणाी भी आमजन से सुरक्षित नहीं है। इसका एक उदाहरण सामने आया है कि विजयराघढ क्षेत्र में करौंदी-घुघरी के पास तालाब में जहर मिलाकर 14 निर्दोष वन्य प्राणियों चीतल व सांभर का शिकर किया गया। जिले के बरही क्षेत्र के ए दर्जन से अधिक गांव में बाघों का ठिकाना है तो इसके साथ ही शाहडार के जंगल में बाघ और तेंदुए सहित वन्य प्राणियों की उपस्थिति लगातार बनी हुई है। घटना सामने आने के बाद अब बाघों और अन्य प्राणियों के जीवन को भी खतरा बना हुआ है।
जलस्त्रोंतों की बढाई निगरानी
जिले में सक्रिय शिकारी वन विभाग के जल स्त्रोंतों के आसपास निगरानी न रखने का फायदा उठाकर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे है। विजयराघवगढ की घटना से पहले भी जिले में एक बार जलस्त्रोत में जहर मिलाने की घटना हो चुकी है। ढीमरखेडा वन परिक्षेत्र में कुंड में जहर मिलाने से तेंदुए सहित अन्य वन्यप्रणियों की जान गई थी।
घटना सामने आने के बाद अब वन विभाग अलर्ट हुआ है। जिले में जलस्त्रोतों के आसपास सुरक्षा व गश्त बढाई गई है। दूसरी ओर शिकार करने वाले पकडे गए तीनों आरोपियों को वन विभाग ने 14 दिन की रिमांड पर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है कि घटना के पीछे कोई संगठित गिरोह तो शामिल नहीं है।

