MP में सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन पर बड़ा अपडेट
भोपाल. ऐसे कानून जिनकी अब जरूरत नहीं हैं, उनका सभी विभाग ठीक से परीक्षण कर लें और यदि निरस्त किया जाना है तो प्रस्ताव बनाकर भेजें। 20 जुलाई से मानसून सत्र प्रारंभ हो रहा है, जो विधेयक इसमें प्रस्तुत किए जाने हैं, उन्हें कैबिनेट की अनुमति के लिए प्रस्तुत करें। पहले के सत्रों के अपूर्ण प्रश्न, शून्यकाल सूचनाएं, आश्वासन और लोकलेखा समिति की सिफारिशों को लेकर उत्तर समय-सीमा में विधानसभा को भेज दिए जाएं। इसमें लापरवाही न हो।
यह निर्देश मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में विभागीय कार्यों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण विभागाध्यक्ष स्तर तक आने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इनका निराकरण स्थानीय स्तर पर ही होना चाहिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि आमजन को सीधे राहत पहुंचाने वाली लोकसेवा गांरटी योजना और सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का समय-सीमा में संतुष्टिदायक निराकरण सुनिश्चित करें।
समीक्षा करने के साथ निगरानी भी करें- मुख्य सचिव
विभागाध्यक्ष साप्ताहिक समीक्षा करने के साथ निगरानी भी करें। निचले स्तर के अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा हो और समय-अवधि में ही प्रकरण निराकृत हों। विभागाध्यक्ष कार्यालय तक तो प्रकरण आना ही नहीं चाहिए। न्यायालयीन प्रकरण में समय-सीमा में जबाव-दावा प्रस्तुत करने के साथ कैबिनेट से स्वीकृत प्रकरणों में शत-प्रतिशत आदेश सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। इसी तरह प्रदेश के सभी शासकीय भवनों की छत पर सोलर पैनल लगाने के काम में तेजी लाने के लिए जिलावार नोडल आफिसर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान साइबर धोखाधड़ी, पाक्सो एक्ट के प्रकरणों, मादक और विस्फोटक पदार्थों की रोकथाम तथा नवीन न्याय संहिता के साथ राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई।
पदोन्नति पर रोक नहीं, देख लें यदि कर सकते हैं तो कर दें
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों से कहा कि पदोन्नति के नए नियम पर कोई रोक नहीं है। देख लें, यदि कर सकते हैं तो फिर कर दें। इस संबंध में महाधिवक्ता कार्यालय से भी मार्गदर्शन ले लें। उल्लेखनीय है कि पदोन्नति नियम 2025 को हाई कोर्ट जबलपुर में सामान्य वर्ग के कर्मचारियों द्वारा चुनौती दी गई है, जिस पर लंबी सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया गया है।

