जीवाजी विश्वविद्यालय में काउंसलिंग के दौरान छात्रों में झड़प
ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं (एसओएस) में 5 साल बाद प्रवेश परीक्षा के आधार पर शुरू हुई प्रवेश काउंसलिंग विवादों में घिर गई। अटल सभागार में चल रही काउंसलिंग के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा और हाथापाई हो गई। हालात बिगड़ने पर विश्वविद्यालय प्रशासन को काउंसलिंग प्रक्रिया बीच में ही रोकनी पड़ी।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे
एसओएस में यूजी की 913 और पीजी की 587 सीटों पर प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं काउंसलिंग में शामिल होने पहुंचे थे। शाम करीब 7 बजे एमबीए (एचआर) कोर्स में प्रवेश को लेकर विवाद शुरू हुआ। एनएसयूआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष पारस यादव प्रवेश समिति अध्यक्ष प्रो. डी.एन. गोस्वामी से सीट आवंटन को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान एबीवीपी के महानगर मंत्री राज वर्मा, कुल्लन तोमर और योगेश गुर्जर वहां पहुंचे और काउंसलिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
बहस कुछ ही देर में हाथापाई में बदल गई
दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई बहस कुछ ही देर में धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान कुल्लन तोमर ने एनएसयूआई समर्थक के साथ मारपीट भी की। वहीं एबीवीपी नेता राज वर्मा ने माइक संभालते हुए काउंसलिंग प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सीटों की बिक्री की जा रही है और प्रवेश समिति कुछ छात्र नेताओं के दबाव में काम कर रही है। इन आरोपों के बाद सभागार का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस पहुंची, काउंसलिंग रोकनी पड़ी
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। इसके बाद प्रवेश समिति अध्यक्ष प्रो. डी.एन. गोस्वामी ने काउंसलिंग प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा कर दी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रिक्त सीटों पर प्रवेश की शेष प्रक्रिया अब संबंधित विभागों में विभागवार काउंसलिंग के जरिए पूरी की जाएगी, ताकि छात्रों के प्रवेश प्रभावित न हों।

