डील गयी तेल लेने के लिये शुरू हो गया युद्ध का पार्ट-2, इजरायली हमले में लेबनान में 18 मौतें
नई दिल्ली. इजराइल और लेबनान के बीच एक बार फिर जंग तेज हो गयी है। रातभर हुई लड़ाई में इजरायल के 4 सैनिक मारे गये है। जो ईरान समर्थित गुट हिजबुल्लाह की ओर से इस जंग में किये गये सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है। वहीं इजरायल के हमलों में लेबनान में कम से कम 18 लोग मारे गये हैं। यह हालात उस समय बने हैं। जब अमेरिका और ईरान के बीच पूरा युद्ध रोकने के लिये एक डील हुई है। लेकिन लेबनान में बढ़ती हिंसा इस डील को खतरे में डाल रही है। इस दौरान अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड का अपना दौरा भी टाल दिया है। ईरान के साथ अगले दौर की चचा्र होनी थी।
दक्षिणी लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच रात भर जोरदार लड़ाई चली है। इजरायल के 4 सैनिक मारे गये है। जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल था। एक ड्रोन हमले में 5 और सैनिक घायल हो गये है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि उसके युद्धपोत इस इलाके में मौजूद रहेंगे ताकि डील की हर शर्त मानी जा रही है या नहीं, ये देखा जा सके. कम से कम 2 तेल टैंकर बिना रोक-टोक के अमेरिकी नाकाबंदी पार करके निकल गए, जिनमें कुल मिलाकर 38 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल था.
बुधवार रात को होर्मुज से 1 करोड़ 25 लाख बैरल से ज्यादा तेल निकला, जिससे जंग के दौरान बढ़ी तेल की कीमतों में और राहत मिल सकती है.
डील की शर्तें क्या हैं
डील कहती है कि दोनों तरफ से लड़ाई हमेशा के लिए बंद होगी.
दोनों को 60 दिन का वक्त मिलेगा कि बड़े मुद्दों पर पक्की डील हो सके.
ईरान के पास जो हाई-एनरिच्ड यूरेनियम का स्टॉक है (जो माना जाता है कि मलबे के नीचे दबा है), उसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी में कमजोर करना होगा.
ईरान परमाणु हथियार न तो खरीदेगा और न ही बनाएगा.
अमेरिका ने ईरान पर लगे अपने प्रतिबंध हटा दिए हैं, जिससे ईरान खुलकर अपना तेल बेच सकेगा.
ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ ने अमेरिकी सांसदों को बताया कि ईरान UN की परमाणु एजेंसी IAEA को बुलाकर अपने परमाणु ठिकानों का निरीक्षण करवाएगा.
लेकिन यूरोपीय यूनियन ने अभी ईरान पर अपने प्रतिबंध नहीं हटाए हैं. EU की विदेश नीति प्रमुख काया कालास ने कहा कि अभी इसका सही वक्त नहीं आया है.

