महंगाई का बड़ा झटका, ग्वालियर के बाजारों में ट्रकों का मालभाड़ा 20% तक बढ़ा
ग्वालियर. पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढोतरी का सीधा असर अब आम जनता की जेब पर पडने लगा है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट यूनियन और स्थानीय ट्रांसपोर्ट एसोसिएशनों ने बढते परिचालन खर्च के चलते माल ढुलाई के भाडे में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढोतरी कर दी है। ग्वालियर चंबल के सबसे बडे व्यापारिक केंद्र होने के कारण इस फैसले का सीधा असर शहर के थोक व खुदरा बाजारों पर दिखने लगा है जिससे आने वाले दिनों में रोजमर्रा की हर चीज महंगी होनेा तय है।
दूरी के हिसाब से किराया बढा
दिल्ली का प्रति क्विंटल भाडज्ञ 150 से बढकर 170 रुपये हुआ। ट्रांसपोर्टर्स द्वारा दरों में की गई इस वृद्धि को अगर जमीनी गणित से समझे तो ग्वालियर से दिल्ली या दिल्ली से ग्वालियर के बीच जो मालभाडा पहले 150 रुपये प्रति क्विंटल हुआ करत था वह अब बढकर 170 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। ट्रांसपोर्ट यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह दरें केवल सांकेतिक है अन्य शहरों और राज्यों से आने वाले माल के भाडे में दूरी के हिसाब से और भी अधिक बढोतरी की गई है। ट्रक जितनी लंबी दूरी तय करेगा भाडे का ग्राफ उसी अनुपात में बढता जाएगा। इसका सीधा असर दक्षिण भारत से आने वाले मसालों, महाराष्ट्र से आने वाले प्याज-केले और गुजरात से आने वाले कपडों पर पडेगा।
माल भाड़ा बढ़ाने के अन्य प्रमुख कारण
एडब्ल्यू यानि यूरिया की कीमतों में उछाल: बीएस 6 ट्रकों में प्रदूषण कम करने के लिए इस्तेमाल होने वाले लिक्विड (यूरिया) के दाम पिछले दो महीनों में लगभग दोगुने हो चुके हैं।
टायर और मेंटेनेंस: कच्चे माल की लागत बढ़ने से टायरों की कीमतों में पांच प्रतिशत की तेजी आई है।
टोल टैक्स: 1 अप्रैल से देश भर के नेशनल हाईवे पर टोल की दरें रिवाइज हुई हैं, जिससे प्रति ट्रिप फिक्स्ड कास्ट बढ़ गई है।

