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अचलेश्वर मंदिर में 200 किलोग्राम के नंदी किये गये स्थापित

मंदिर में पूजा-अर्चना करते श्रद्धालु।
ग्वालियर. शहर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के गर्भगृह में पीतल धातु से तैयार किये गये नंदी महाराज की मूर्ति की स्थापना की गयी है। इसका वजन करीब 200 क्विंटल है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, पहले भी नंदी महाराज की मूर्ति स्थापित की गयी ।लेकिन श्रद्धालुओं की सर्वसम्मति से अभी नयी प्रतिमा स्थापित की जा रही है। इस विशेष प्रतिमा को अलीगढ़ में विशेष ऑर्डर देकर तैयार कराई गयी है।
नयी नंदी महाराज की प्रतिमा पीतल से बनाई गयी है। प्रतिमा वजन 120 किलोग्राम है। जबकि अन्य सामग्री मिलाकर इसका कुल वजन 200 किलोग्राम है। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार पुराने नदी महाराज को 8 मई को विधिवत पूजा-अभिषेक और मंत्रोच्चारण के साथ उनके स्थान से विसर्जित की गयी थी। इसके बाद नये नंदी की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ कये गये, जो कि 10 रविवार को पूर्ण हुए है।
नंदी के कान में बोलने से भोलेनाथ तक पहुंचती है गुहार
मंदिर के पुजारी गौरव कटारे ने बताया कि भगवान नंदी धर्म के प्रतीक माने गए हैं। जिन्हें भगवान शंकर ने खुद सर्वदा शंकर का स्वरूप दिया है। भगवान भोले नाथ के सबसे करीबी भक्त है नंदी महाराज, ऐसा भी कहा जाता है कि उनके बिना भगवान शिव भी अधूरे हैं। इसीलिए जब भी हमें भगवान शिव से कोई मनोकामना होती है या उनके दर्शनों का सही लाभ चाहिए। तो नंदी महाराज से ही आज्ञा लेनी पड़ती है। और उनके द्वारा ही हमारी बात भोले नाथ को पहुंचाई जाती है। इसीलिए लोग उनके कान में अपनी बात कहते हैं।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भव्य फूल बंगला सजाया गया। इसके बाद महाआरती आयोजित होगी और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी। न्यास के प्रबंधक राजेश पराशर ने बताया कि पांच आचार्यों द्वारा त्रिदिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया जा रहा है। मंदिर के परम भक्तों और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह आयोजन किया जा रहा है। श्रीमती वंदना दिलीप जैसवानी को नंदी बाबा की प्राण प्रतिष्ठा कराने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मंदिर प्रबंधन को उम्मीद है कि इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

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