निवेश के नाम पर व्यापारी से 1 करोड़ 41 लाख रूपये ठगे, क्राइम ब्रांच कर रही है पूछताछ, 2 भाई गिरफ्तार
ग्वालियर. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 1 करोड़ 41 लाख रूपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने 2 सगे भाईयों को गिरफ्तार करते हुए ठगी के मामले में पुलिस पूछताछ कर रही है। उन्होंने साइबर ठगों को कमीशन पर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था।
लगभग 6 माह पूर्व पिंटों पार्क इलाके में बॉक्स संचालित करने वाले दुर्गाशंकर नागर को ई-मेल के माध्यम से क्रिपटोकरेंसी में निवेश का ऑफर मिला था। ठगों ने गोल्ड बिटकॉइन फिक्स डॉट कॉम के नाम की फर्जी कम्पनी में निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया था। दुर्गाशंकर नागर ने विश्वास दिया कि 2 माह के अन्दर अलग-अलग बैंक खातों में 1 करोड़ 41 लाख 17 हजार रूपये ट्रांसफर कर दिये। लेकिन उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी क्राइम मनीष यादव ने बताया हैकि क्रिप्टो निवेश के नाम पर हुई ठगी के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके बैंक खातों में बड़े स्तर पर संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हे, पूछताछ जारी है।
1% कमीशन पर देते थे बैंक खाता
पूछताछ में दोनों भाइयों ने कबूल किया कि उन्होंने 1 प्रतिशत कमीशन पर अपना बैंक खाता साइबर ठगों को दिया था। खाते की जांच में 1 करोड़ 68 लाख रुपए के अलग-अलग ट्रांजेक्शन सामने आए। हालांकि पुलिस को खाते में केवल 59 हजार रुपए ही बरामद हुए हैं।
इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब आदित्य और प्रियांशु को 2 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मनी ट्रेल खंगाल रही है, ताकि मुख्य साइबर ठगों तक पहुंचा जा सके। आशंका है कि यह गिरोह देशभर में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
गाजियाबाद से करते थे ऑपरेट
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का हिस्सा सबसे पहले गाजियाबाद के “महादेव सर्जिकल” नाम के खाते में पहुंचा। यह खाता गाजियाबाद के रहने वाले आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा का जॉइंट अकाउंट था, जिसमें 10 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने आरोपियों को नोटिस देकर ग्वालियर बुलाया, लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद साइबर टीम गाजियाबाद में डेरा डालकर उनकी तलाश में जुटी रही। इसी बीच सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर में जमानत लेने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने बिरला हॉस्पिटल के पास से दोनों को दबोच लिया।

