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वेतनवृद्धि -इंक्रीमेंट को नोएडा का उग्र प्रदर्शन करते हुए पुलिस की गाडि़यां भी की आगजनी की शिकार

 

नोएड़ा. वेतनवृद्धि की मांग को लेकर नोएडा में कई कम्पनियों के कर्मचारी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे है। गुस्साये कर्मचारियों ने कई इलाकों में रोड पर चक्काजाम कर दिया है। फेज 2 में प्रदर्शनकारियों ने गाडि़यों में आग लगाने के साथ-साथ पुलिस की गाडि़यों पर भी पथराव कर दिया है।
वेतनवृद्धि की मांग को लेकर सड़कों उतरे कर्मचारी पिछले 3-4 दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन ने सोमवार की सुबह उग्र रूप ले लिया है। जब गुस्साये कर्मचारियों ने कई प्रमुख सड़कों पर चक्काजाम कर दिया है। यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया। फेज 2 में चल रहे प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। प्रदर्शनकारियों ने गाडि़यों में आग लगा दी है। पुलिस पर भी पथराव कर आक्रोशित भीड को काबू में करने के लिये पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे है।
प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
इससे एक दिन पहले जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में उनकी मांगों पर विचार करने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ।
इससे पहले योगी सरकार ने कर्मचारियों के हित में लिया था बड़ा फैसला
इससे पहले योगी सरकार ने प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए है। इन फैसलों के तहत गौतम बुद्ध नगर में काम करने वाले श्रमिकों के लिए दोगुना ओवरटाइम भुगतान, समय पर सैलरी और बोनस सीधे बैंक खाते में जमा करना जरूरी कर दिया गया है. यह फैसला नोएडा में लगातार कंपनी मालिकों की मनमानी और सैलरी में देरी व अनियमितताओं के विरोध में तीन दिनों से काम बंद कर सड़कों पर उतरे कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए लिया गया है। हालांकि इसके बाद भी कर्मचारी सोमवार की सुबह से नोएडा के फेज 2 इलाके में प्रदर्शन कर रहे है।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद गौतम बुद्ध नगर प्रशासन ने औद्योगिक इकाइयों के लिए नए दिशानिर्देश लागू किए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन नियमों के जरिए श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी और जिले को श्रम सुधारों के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. जिलाधिकारी मेहा रूपम ने औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर इन नियमों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिकों से ओवरटाइम काम लेने पर उन्हें नियमित मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती की अनुमति नहीं होगी । प्रशासन ने साप्ताहिक अवकाश को लेकर भी निर्देश जारी किए है। सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में एक दिन की छुट्टी सुनिश्चित करनी होगी. यदि किसी कर्मचारी से रविवार को काम लिया जाता है, तो उसे दोगुनी दर से मजदूरी दी जाएगी ।

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