10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड, गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा
नई दिल्ली. जल्द ही ऐसा हो सकता है कि आपका 10 हजार से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उसमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए आरबीआई ने ये प्रस्ताव रखा है। आरबीआई का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता।
सीनियर सिटीजंस के लिए ट्रस्टेड पर्सन सुविधा
70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा।
भरोसेमंद को व्हाइटलिस्ट में शामिल कर सकेंगे
अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं, जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी।
डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए किल स्विच
आरबीआई ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा।

