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फरसा बाले बाबा की हत्या के विरोध में मथुरा में गौरक्षकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर किया चक्काजाम

मथुरा. कोसीकलां में बृज इलाके के विख्यात गौरक्षक संत चन्द्रशेखर, जिन्हें फरसा वाले बाबा के नाम से जाना जाता है। की कथित तौर पर गौ-तस्करों ने गाड़ी से कुचल कर हत्या कर दी । इस घटना के बाद गुस्साये सैकडोें गौरक्षकों ने छाता में दिल्ली-आगरा हाईवे को जाम कर दिया। जिससे वाहनों की लम्बी कतारें लग गयी और यातायात ठप हो गया। वहीं इस घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ में संज्ञान में आया तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।
ऐसा बताया जा रहा है कि फरसा वाले बाबा को खबर मिली थी कि इलाके में गौ तस्कर सक्रिय है। खबर मिलते ही तो तड़के सुबह 4 बजे अपनी मोटरसाईकिल से संदिग्धों का पीछा करने निकल पड़े। तभी गौतस्करों ने नवीपुर गांव के पास रूकने के बजाये उनकी बाइक को टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मोत हो गयी।
लोगों ने पकड़ा एक आरोपी
वहीं, वारदात के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए भाग रहे एक आरोपी मुस्लिम युवक को दबोच लिया. हालांकि, अंधेरे और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर तीन अन्य हत्यारे मौके से फरार हो गए । पुलिस को पकड़े गए युवक से पूछताछ में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है  । स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ये हत्या सुनियोजित थी और गौतस्करों ने उन्हें जानबूझकर कुचल दिया।  गौरक्षकों की मांग है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले की जांच की जाए।  छाता पुलिस मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और जाम खुलवाने का कोशिश कर रही है।
जानें कौन थे बाबा चंद्रशेखर
बाबा चंद्रशेखर मूल रूप से फिरोजाबाद के गांव गोपाल का नगला के रहने वाले थे, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह भी इसी गांव से आते हैं। गोरक्षा में फरसा लेकर बाबा चंद्रशेखर ने ‘फरसा वाले बाबा’ के रूप में अपनी पहचान बनाई। गांव-गांव गो-सेवकों की टीम गठित की। करीब 200 युवाओं की टीम है, जो गोसेवा के लिए हमेशा तत्पर रहती है। बाकी बड़ी संख्या में भक्त थे।
8 साल की आयु में बन गए थे संत
बाबा चंद्रशेखर आठ साल की उम्र में संत बन गए थे। माता-पिता की मौत के बाद घर छोड़ दिया था, फिर संत हो गए। उसके बाद आयोध्या गए। श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। 20 साल तक वहां रहे, उसके बाद ब्रज में आ गए थे। यहां गोसेवा का संकल्प लिया और गोशाला चला रहे थे। मथुरा के छाता ब्लॉक के आजनोख में बाबा की एक विशाल गोशाला है। जिसमें वह गायों की सेवा करते थे। उनके इस कार्य के चलते आसपास के इलाके के लोग भी उनसे जुड़ गए थे। गोपाष्टमी पर विशाल आयोजन करते थे जिसमें काफी संख्या में गोसेवक जुटते थे।

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