हीलियम संकट से दुनिया में आया संकट, कतर पर ईरानी हमले से पूरी टेक इंडस्ट्री लाइफ सपोर्ट पर
नई दिल्ली. ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में अब एक नया मोड़ आ गया है। ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लां टरास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल और ड्रोन हमला कर दिया है। यह प्लांट दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) प्लांट है। हमले से प्लांट में आग लग गयी और भारी नुकसान हुआ है। कतर एनर्जी के सीईओ ने बताया है कि प्लांट की 17 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रही है। फिलहाल 3-5 वर्ष तक के लिये बन्दर रहेगी। इसे ठीक करने में इतना वक्त लगेगा। सबसे बड़ी समस्या यह है कि हीलियम गैस का उत्पादन भी रूक गया है। कतर दुनिया का 33प्रतिशत हीलियम सप्लाई करता था। अब पूरी दुनिया का एक तिहाई हीलियम एक रात में गायब हो गया।
क्या है हीलियम और क्यों है जरूरी
ळीलियम एक बहुत हल्की और ठंडी गैस है यह चिप फैक्ट्री (सेमीकंडक्टर) में मशीनों को ठंडा रखने के लिये, एमआरआई मशीन में, रॉकेट फ्यूल औरकई इंडस्ट्री में उपयोग लाई जाती है। इसके कोई सस्ता विकल्प नहीं है। अब सप्लाई बन्द होने से कीमतें दुगुनी हो गयी है। कई देशों में संकट शुरू हो गया है।

