सीरिया-इराक से लेकर सऊदी -यूएई -कतर तक कितनी गयी जानें
नई दिल्ली. अमेरिका और ईरानके बीच सीधा युद्ध 6 दिन में पहुंच रहा है। शुरूआत में हुए संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनई की मौत की खबर के बाद हालात और ज्यादा खराब हो गयी है।इसकेबाद दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले तेज होगये है। ईरान ने जवाबी कार्यवाही करते हुए इजरायल के शहरों जैसे तेल अवीव और यरूशलम को निशाना बनाया है। उसने कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कुछ नागरिक ठिकानों पर भी हमले किये है। इससे पूरा इलाका तनाव में है।
यह संघर्ष अब सिर्फ मध्यपूर्व तक सीमित नहीं है। ऐसी खबर है कि श्रीलंका के पास हिन्द महासागर में एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया है। इससे यह साफ हो गया है कि युद्ध का प्रभाव दूर-दूर तक फैल रहा है।
बहरीन में मिसाइल को रोकने की कार्रवाई के बाद सलमान इंडस्ट्रियल सिटी में आग लग गई, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई. यह जानकारी बहरीन के गृह मंत्रालय ने दी ।
कुवैत में ईरानी हमलों में तीन लोगों की जान गई है। इनमें दो कुवैती सैनिक शामिल है। यह जानकारी कुवैत के स्वास्थ्य और विदेश मंत्रालय ने दी है।
ओमान के तट के पास मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले उत्पाद टैंकर एमकेडी व्योम पर एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक शख्स की मौत हो गई है।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार कुवैत में एक सैन्य सुविधा पर हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए है।
सीरिया के दक्षिणी शहर स्वेइदा में एक इमारत पर ईरानी मिसाइल गिरने से 4 लोगों की मौत हुई, यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी साना ने दी है।
इराक के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक वहां कम से कम 13 लोगों की मौत हुई है। इनमें 11 मिलिशिया सदस्य, एक सेना का जवान और एक आम नागरिक शामिल है।
इन आंकड़ों से साफ है कि यह संघर्ष सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है। खाड़ी देशों और आसपास के इलाकों में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। बढ़ती मौतों और हमलों ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और डर का माहौल बना दिया है।
ईरान ने सबसे ज्यादा नुकसान होने की बात कही है. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 1230 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 175 स्कूली छात्राएं और स्कूल स्टाफ भी शामिल हैं, जिनकी मौत युद्ध के पहले दिन दक्षिणी शहर मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल पर मिसाइल हमले में हुई. यह जानकारी ईरान की मानवीय संस्था ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने दी है. यह साफ नहीं है कि कुल मृतकों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के सैनिक भी शामिल हैं या नहीं है।
इजरायल में अब तक 10 नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है. इनमें से नौ लोगों की मौत 1 मार्च को यरूशलम के पास बीट शेमेश में ईरानी मिसाइल हमले में हुई. यह जानकारी इजरायल की एंबुलेंस सेवा मागेन डेविड एडोम ने दी है. इजरायली रक्षा बलों ने अब तक किसी सैन्य हताहत की पुष्टि नहीं की है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इजरायली हमलों में वहां 77 लोग मारे गए है।

