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एडवोकेट अनिल मिश्रा केन्द्रीय जेल से रिहा होने के बाद सीधे घर के लिये रवाना

केंद्रीय जेल के बाहर वकीलों का जमावड़ा रहा।

ग्वालियर. हाईकोर्ट द्वारा एडवोकेट अनिल मिश्रा को जमानत मिलने के बाद केन्द्रीय जेल पर भारी तादाद में वकील एकत्रित हो गये है। हाईकोर्ट के द्वारा एडवोकेट अनिल मिश्रा को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने एक लाख रूपये के निजी गुचलके और एक लाख रूपये की जमानत राशि पर उन्हें रिहा करने के आदेश दिये है। हाईकोर्ट ने इस केस में पुलिस की कार्यवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े किये है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार की रात लगभग 8 बजे अनिल मिश्रा को उनके 3 अन्य साथियों के साथ केन्द्रीय जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल से रिहाई के दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक और वकील जेल के बाहर मौजूद थे। हालांकि रिहा होने केबाद एडवोकेट अनिल मिश्रा ने पत्रकारों से चर्चा नहीं की है, सीधे अपने साथियों के साथ कार से घर के लिये रवाना हो गये।
जुलूस और अन्य गतिविधियों पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि एडवोकेट अनिल मिश्रा को अवैध रूप से हिरासत में लिया था। एफआईआर दर्ज कर और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां पाई गयी। हाईकोर्ट ने यह भी टिप्पणी की है कि पुलिस उन्हें नोटिस देकर भी छोड़ सकती थी। लेकिन इसके बावजूद गिरफ्तारी की गयी। हाईकोट्र ने अपने आदेश में इस प्रकरण से जुड़े जुलूस और अन्य गतिविधियों पर भी रोक लगा दी है।

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